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कहीं आप भी तो नहीं हो रहीं 'टेक्सट्रोवर्ट', समय रहते हो जायें सावधान: Textrovert

अगर आप भी टेक्सट्रोवर्ट हैं तो इन बातों का रखें ध्यान-

Textrovert Sign: हर व्यक्ति की पर्सनालिटी अलग होती है। कुछ लोग एक्स्ट्रोवर्ट होते हैं यानी कि वो दूसरों के साथ जल्दी घुल-मिल जाते हैं, उन्हें बात करना अच्छा लगता है। कुछ लोग शर्मीले स्वभाव के होते हैं, कम बोलते हैं और दूसरों के साथ जल्दी घुल मिल नहीं पाते हैं, ऐसे लोग इंट्रोवर्ट कहलाते हैं। आजकल इन दोनों के अलावा एक और नये तरह की पर्सनालिटी भी सामने आ रही है टेक्सट्रोवर्ट। ये लोग बात करने के हिसाब से तो इंट्रोवर्ट स्वभाव के ही होते हैं लेकिन टेक्स्ट या मैसेज करने में एक्स्ट्रोवर्ट स्वभाव के होते हैं। बात-बात पर मैसेज करना इनकी आदत होती है। ऐसे लोग सामने मिलकर यहाँ तक कि फ़ोन पर भी बात करने से बचते हैं। हालाँकि, टेक्स्ट करना कई बार समय बचाने और बात को सही तरह से समझाने का अच्छा ज़रिया है। लेकिन जब यह आदत ज्यादा बढ़ जाती है तो आपको इस और ध्यान देने की ज़रूरत हो जाती है क्योंकि कई बार यह आपको मुश्किल में भी डाल देता है। अगर आप भी टेक्सट्रोवर्ट हैं तो इन बातों का रखें ध्यान-

ज्यादा लंबा टेक्स्ट नहीं भेजें

टेक्सट्रोवर्ट लोग जब मैसेज भेजते हैं तो वो जो भी बोलना चाहते हैं सब कुछ उसमें लिख देते हैं। लेकिन कई बार इतने लंबे मैसेज पढ़ना लोग पसंद नहीं करते हैं। इसलिए कोशिश करें कि अगर आपको टेक्स्ट ही करना है तो अपनी बात को संक्षिप्त में समझाने की कोशिश करें। हो सके तो एक साथ मैसेज भेजने की जगह छोटे-छोटे मैसेज दो-तीन बार में भेजें।

हर बात मैसेज नहीं करें

टेक्सट्रोवर्ट लोग यह नहीं ध्यान रखते कि कुछ बातें मैसेज में भेजने से वो मुश्किल में भी पढ़ सकते हैं। सामने बोली गई बातों का रिकॉर्ड नहीं रहता लेकिन अगर आप मैसेज भेजते हैं तो सामने वाला उसका स्क्रीनशॉट ले सकता है। कभी वो मौक़ा पड़ने पर इसका ग़लत इस्तेमाल भी कर सकता है। इसलिए हर बात टेक्स्ट करने से बचें।

गलत समय पर टेक्स्ट ना करें

कई बार लोग मैसेज भेजते समय का ध्यान नहीं रखते हैं। लेकिन ग़लत समय पर मैसेज करने से कई बार आपकी इमेज भी ख़राब हो सकती है। जिसको मैसेज कर रहे हैं उसके पहले एक बार सोच लें कि वो उस समय फ्री होगा या नहीं। लोगों के ऑफिस टाइमिंग्स में या देर रात और सुबह जल्दी मैसेज करने से बचें।

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ग़लतफ़हमी से बचें

कई बार टेक्स्ट में आप जो लिखना चाहते हैं उसका मतलब पढ़ने वाला दूसरा भी निकाल लेता है। ऐसे में अगर आप किसी समवेंशील मुद्दे पर बात करना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि आप सब कुछ लिखने की जगह आमने सामने बैठकर बात करें जिससे किसी तरह की ग़लतफ़हमी नहीं रह जाये।

बड़ी बातों को टेक्स्ट करने से बचें

अगर आपके लिये कोई अच्छी खबर है जैसे आपकी नयी मौकरी, प्रमोशन या शादी तो इन खबरों को आप मिलकर ही शेयर करें। क्योंकि सामने मिलने से जो फ़ीलिंग्ज़ पता चल सकती हैं वो टेक्स्ट में ईमोजी से नहीं।

तो, आप भी अगर टेक्सट्रोवर्ट हैं तो इन बातों कर ज़रूर ध्यान रखें।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...