Dinning Rules
Korean Dinning Rules Credit: Istock

Overview: हेल्दी रहने के लिए इंडियंस अपना रहे हैं ये कोरियन डाइनिंग रूल्स

कोरियन डाइनिंग रूल्स कोरियन संस्कृति का अभिन्‍न हिस्सा है, जो सामूहिक भोजन, टेबल मैनर्स और शेयर करने की परंपरा को दर्शाता है।

Korean Dining Rules: भारत में ही नहीं बल्कि दुनियाभर में कोरियन कल्‍चर और खाने को पसंद करने के साथ अपनाया जा रहा है। कोरियन भोजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि उनकी परंपराएं और डाइनिंग रूल्स इसे खास बनाते हैं। कोरियन डाइनिंग रूल्स सामाजिक मेलजोल, सम्मान और संतुलन का परफेक्‍ट संगम है, जिसे अपनाकर परिवार को स्‍वस्‍थ्‍य और समृद्ध बनाया जा सकता है। हालांकि के-ड्रामा की वजह से कोरियन खानपान की पद्धति को भारतीय अपने जीवन का हिस्‍सा बना रहे हैं लेकिन कुछ ऐसे डाइनिंग रूल्‍स हैं जिसके बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे। तो चलिए जानते हैं कोरिया डाइनिंग के प्रमुख नियमों और संस्‍कृति के बारे में।

सामूहिक भोजन का महत्व

Korean Dining Rules-भारतीय अपना रहे हैं कोरियन डाइनिंग रूल्‍स
The importance of communal meals

कोरियन संस्कृति में भोजन को सामूहिक रूप से खाने की परंपरा है। भोजन के समय परिवार, दोस्त या सहकर्मी एक साथ बैठते हैं और एक ही टेबल पर कई व्यंजनों को साझा करते हैं। यह परंपरा सामाजिक बंधनों और रिश्‍तों को मजबूत करती है। कोरियन भोजन में मुख्य व्यंजन के साथ कई साइड डिशेज, जिन्हें ‘बांचन’ कहते हैं, परोसे जाते हैं। इस तरह का भोजन समुदाय की भावना को बढ़ावा देता है।

बड़े-बुजुर्ग करते हैं पहल

कोरियन डाइनिंग में टेबल मैनर्स का विशेष ध्यान रखा जाता है। भोजन शुरू करने से पहले बड़ों का इंतजार करना एक सामान्य नियम है। यदि टेबल पर कोई बड़ा या उम्रदराज व्यक्ति मौजूद है, तो उनके शुरू करने के बाद ही दूसरों को खाना परोसा जाता है। यह सम्मान और विनम्रता का प्रतीक है। इसके अलावा, खाने के दौरान चम्मच और चॉपस्टिक का उपयोग होता है, लेकिन इन्हें सही तरीके से पकड़ना और इस्तेमाल करना जरूरी होता है।

सूप के साथ होती है शुरुआत

कोरिया में खाने से पहले सूप सर्व किया जाता है, जो न केवल एपेटाइट को बेहतर बनाता है बल्कि ओवरईटिंग से भी बचाता है। खाने के लिए विभिन्‍न प्रकार के बर्तनों का उपयोग किया जाता है। कोरियन भोजन में चम्मच का उपयोग सूप, स्टू और चावल के लिए किया जाता है, जबकि चॉपस्टिक का उपयोग साइड डिशेज और अन्य व्यंजनों के लिए होता है। एक समय में दोनों का एक साथ उपयोग नहीं किया जाता। कोरियन भोजन में चावल और सूप को विशेष कटोरियों में परोसा जाता है, और इन्हें हाथ में उठाकर खाना सामान्य है।

हाथ में लेकर न खाने की परंपरा

भारतीय अपना रहे हैं कोरियन डाइनिंग रूल्‍स
The tradition of not eating holding in hand

कोरिया में राइस और सूप बाउल को हाथ में उठाकर खाना अशुभ और शिष्‍टाचार के विरुद्ध माना जाता है। इसलिए बाउल को टेबल पर रखकर ही स्‍पून से खाना खाया जाता है। साथ ही ध्‍यान रखा जाता है कि खाते वक्‍त कोई बात न करें और मुंह से खाना चबाने की आवाज न आए।

दोनों हाथों का यूज

किसी व्‍यक्ति को खाना सर्व या पास करते समय दोनों हाथों का यूज किया जाता है। एक हाथ से खाना सर्व करना खाने का अपमान माना जाता है। कोरियन संस्‍कृति के अनुसार दोनों हाथों से खाना सर्व करने का अर्थ है खाने और सामने वाले व्‍यक्ति दोनों को सम्‍मान देना। ये व्‍यवहार सिर्फ बड़ों के साथ ही नहीं बल्कि बच्‍चों के साथ भी किया जाता है।  

भोजन के बाद की परंपराएं

भोजन समाप्त होने के बाद टेबल को साफ रखना और सभी बर्तनों को व्यवस्थित करना महत्वपूर्ण है। कोरियन लोग भोजन के बाद हल्की चाय या मिठाई का आनंद लेते हैं। इसके अलावा, भोजन के लिए मेजबान को धन्यवाद देना भी एक अच्छा शिष्टाचार माना जाता है।