घर आपकी पर्सनल स्पेस है। यहां गुजारा हर लम्हा आपको सुकून देता है। चाहे दिनभर की भागदौड़ ने कितना भी थकाया क्यों न हो।गर्मियों में घर को कूल-कूल बनाए रखने के लिए यदि इंटीरियर चेंज करने का मूड बना रहीं हैं, तो नियॉन ट्रेंड आपको जरूर पसंद आएगा। घर को कूल लुक देने के लिए नियॉन कलर्स का यूज दीवारों पर किया जा सकता है। इससे दूर होगी घर की नीरसता। इसके साथ ही कई दूसरे ऑप्शन भी हैं।

 

लेटेस्ट कलर स्कीम
कम बजट के होम डेकोर में ब्राइट, डल, अर्थी टोन, न्यूटल रंग बिखेर दें, ताकि घर में सुकून महसूस हो और हर आगंतुक वाह कह उठे।

कैजुअल डेकोर
रंगों की प्रचुरता बिखेरते हुए आप साधारण चीजों से घर का कोना-कोना सुंदर बनाना चाहती हैं तो कैजुअल डेकोर का नया आयाम आपके आशियाने के लिए मुफीद है। यह डेकोर जहां घर के इंटीरियर में लग्जरी और महंगे अहसास से ज्यादा आराम को तवज्जो देगा, वहीं घर के रंग आपके अनेक ट्रेंड फॉलोअर भी बना देंगे। आपको बता दें कि कैजुअल सजावट में सजावटी वस्तुओं की कम से कम खरीदारी की जरूरत पड़ती है। इसके बावजूद घर बहुत व्यवस्थित और आकर्षक नजर आता है। इसमें कोई तय थीम नहीं होती।

 

हल्के रंगों का मिश्रण
अगर आपने घर की दीवारों को नियॉन कलर से सजाया है तो हमारी सलाह है कि शेष कमरे की साज-सज्जा में नियॉन व अन्य हल्के रंगों का मिश्रण का उपयोग करें।नियॉन से रेट्रो और ट्रेंडी लुक मिलता है। नियॉन शेड्स से कमरे को सजाने का सबसे अच्छा तरीका है कि वह इस तरह उभरकर आए कि बरबस ही लोगों की निगाहें उस ओर चली जाएं। बेडरूम में हल्के रंग की दीवारों के साथ नियॉन शेड्स में बेडशीट्स,पिलो कवर्स,पर्दे और कारपेट्स काफी जचेंगे। पिंक,इलेक्ट्रिक ब्लू, ऑरेंज,यलो, ग्रीन कलर में सोफा चुनकर उसे अपना स्टाइल स्टेटमेंट बना सकते हैं। बेसिक कलर्स के साथ ही डार्क शेड्स जैसे इंडिगो, ब्लैक और डार्क ऑलिव के साथ भी ये अच्छे लगते हैं। अगर दीवारों पर व्हाइट, क्रीम, बेज और अन्य लाइट शेड्स का अधिक इस्तेमाल किया गया है तो उसके साथ नियॉन शेड्स की एक्सेसरीज अच्छी लगती हैं।

 

छोटा सा बदलाव
कैजुअल स्टाइल में कांच, स्टील या आयरन से बनी चीजों का इस्तेमाल सही रहता है,जैसे- घर की पुरानी लाइटों को रॉट आयरन या कांच में ढली लाइटों से बदल दिया जाए। छोटा सा बदलाव घर का लुक बदल देगा। आरामदायक फर्नीचर आरामदायक, मुलायम और गद्दीदार फर्नीचर कैजुअल स्टाइल की खास पहचान होते हैं। लेदर फर्नीचर का चुनाव बेहतर रहता है। गद्दीदार फर्नीचर पर न्यूट्रल कलर्स जैसे- बेज (मटमैला), ऑफ व्हाइट, टैन (पीला भूरा) रंग या गहरे रंग (रस्ट, ओलिव) या फिर पीच जैसे रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए।

टेक्सचर्ड फैब्रिक
फैब्रिक में टेक्सचर्ड और वूवन एलिमेंट्स का प्रयोग करें। सैटिन या सिल्क से बने फैब्रिक की बजाय नैचुरल फैब्रिक जैसे- सिसल, राफिया (ताड़, शनील, टाट, कॉटन या ऊन का इस्तेमाल कर सकती हैं। कैजुअल लुक के लिए वर्टिकल और छोटे पीसों की बजाय लंबे, बड़े और हॉरिजॉन्टल पीसों को चुनना चाहिए। जहां तक एक्सेसरीज की बात है, वे ऐसी होनी चाहिए जो सुंदर होने के साथ-साथ उपयोगी भी हों।

 

 

 

दीवारों पर रंग
लिविंग रूम की दीवार के लिए ऐसा रंग चुनें जो कमरे की बाकी चीजों, जैसे- फर्नीचर, फैब्रिक और फ्लोर के साथ मेल खाता हो। दीवार का रंग और कमरे की चीजें एक-दूसरे के उलट नहीं, बल्कि पूरक नजर आएं। मिक्स एंड मैच का फॉर्मूला भी अपनाया जा सकता है। अगर कमरे का फर्नीचर आपकी सोची थीम जैसा है, तो दीवारों पर उससे मिलता-जुलता रंग कराया जा सकता है, जैसे- अगर आप कमरे की थीम नीले रंग में रखना चाहती हैं, तो जरूरी नहीं कि दीवारों पर नीला रंग ही कराया जाए। इसके लिए पीच या फॉरेस्ट ग्रीन रंग भी ठीक रहेगा। इसी तरह, टोमेटो रेड और गोल्डन एक्सेसरीज के साथ पर्ल व्हाइट रंग की दीवारें सुंदर लगेंगी।

 

लेटेस्ट ट्रेंड
अब तक दीवारों पर लाइट कलर्स को तवज्जो दी जाती थी। लेकिन आजकल अर्थी टोन वाले कलर जैसे ऑफ व्हाइट, कॉपर, लाइट ब्राउन आदि यानी म्यूट टोन के कलर मन को शांति और आंखों को सुकून देते हैं। रंगों का ट्रेंड भी अब पुराना हो चुका है। अब एक ही कमरे की दीवारों को अलग-अलग रंगों में रंगना लेटेस्ट ट्रेंड है। यदि कोई एक कमरे में दो कलर करना भी चाहेगा तो उसी रंग का कोई डार्क या लाइट शेड लेकर कॉम्बिनेशन बनाया जा सकता है। घर को बहुत कलरफुल लुक देना अब फैशन में नहीं है। कलर्स में एक्सपेरिमेंट हो रहे हैं।

 

पेंटिंग्स की अहमियत
कलर्स के जरिये एक खूबसूरत एंबिएंस क्रिएट करना डिजाइनर का मकसद होता है। इस कॉम्बिनेशन में दीवारों का रंग,फर्नीचर,टेपेस्ट्री का रंग,कर्टन्स-कुशंस को लेकर एक कलर स्कीम क्रिएट की जाती है, जो न सिर्फ घर को खूबसूरत बनाती है, बल्कि आंखों को सुकून भी देती है। इस कलर स्कीम में अब पेंटिंग्स की अहमियत बढ़ रही है। इंटीरियर के कॉम्बिनेशन में पेंटिंग्स के कलर्स पर खास ध्यान देना जरूरी है।

 

रंग उकेरें फर्निशिंग से
फर्निशिंग के जरिए आप घर में रंग उकेर सकते हैं। आजकल होम डेकोर थीम के अनुसार प्रिंट वाले पर्दे का चयन है। बच्चों के रूम के लिए कार्टून प्रिंट के पर्दे ट्रेंड में हैं। अलग अलग रूम में दीवार और फर्नीचर के रंग के हिसाब से पर्दे चलन में हैं। इन दिनों अपहोस्ट्री पर एनिमल प्रिंट, ज्योमेट्रिकल प्रिंट या फ्लोरल प्रिंट चलन में हैं। पिंक, रेड या येलो जैसे फंकी कलर में कुशन या बेडशीट आदि से घर की रंगत देखते ही बनेगी।

 

रेड और पिंक
घर के एक कमरे को अपने और जीवनसाथी के लिए रोमांटिक बनाना चाहते हैं, तो उसके लिए भी ऑप्शन हैं। रेड और पिंक को माना जाता है प्यार का रंग। आप इन कलर्स से अपने घर की दीवारों को पेंट करवाकर रोमांटिक फील दे सकते हैं।आजकल मार्केट में सेल्फ टेक्स्चर वाले ऐसे पेंट भी आ गए हैं, जो दीवारों पर हार्ट डिजाइन देते हैं। आप दीवारों के अलावा अपने घर को रेड कलर के सोफे, कुशन कवर, कर्टेन, बेडशीट, कारपेट जैसी तमाम चीजों से सजा सकते हैं।
अमूमन गुलाबी पर ‘फेमिनिन रंग का ठप्पा लगा दिया जाता है लेकिन यह वाइब्रेंट कलर उन्हीं तक सीमित नहीं है। पिंक के गाढ़े शेड्स यानी बोल्ड पिंक रंग मटमैले-स्लेटी या व्हाइट के साथ इंटीरियर में शामिल करें तो ऐसी न्यूट्रल थीम कंटंपरेरी प्रभाव पैदा करने के लिए उम्दा कॉम्बिनेशन है। पिंक, हरे व काले के साथ भी अच्छा लगता है।

 

कार्नर हों आकर्षक
घर के कॉनर्स को कॉन्ट्रस्टिंग कलर स्कीम के जरिए अट्रैक्टिव बनाया जा सकता है, जैसे रेड एंड व्हाइट, ब्लू एंड व्हाइट आदि। कॉनर्स को ड्रेसिंग एरिया, बुक शेल्फ, मिनी वार्डरोब के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। कॉन्ट्रस्टिंग इंटीरियर के साथ अपहोल्स्ट्री भी वैसी होनी चाहिए।

 

इनडोर-आउटडोर
सबसे बड़ा ट्रेंड जो इंटीरियर सेगमेंट में अब दिखाई देगा, वो है आउटडोर्स का इनडोर हो जाना। ऐसा तब हो सकता है, जब बड़ी-बड़ी खिड़कियों पर भारी पर्दे न हों और हरियाली अंदर झांक सके, जितने ज्यादा पौधे उतना अच्छा क्योंकि घर का हर कोना तब एक ओएसिस की तरह नजर आएगा। इस तरह पौधे लिविंग रूम का फोकस बन जाएंगे। काउच के पीछे छिपाकर रखने के बजाय अब बीच में प्लांट्स रखे जा सकते हैं या सीलिंग के ऊपर से भी नीचे उतार सकते हैं। आउटडोर फर्नीचर अब अंदर भी रखा जा सकेगा और जब मौसम सुहाना हो तब दोबारा इसे बाहर रखा जा सकेगा।

रंगों का जादू

इंटीरियर में ज्यादातर एब्सट्रैक्ट का यूज किया जा रहा है। एब्सट्रैक्ट में रंगों के साथ खुलकर खेलने की आजादी होती है, इसलिए ज्यादातर एब्सट्रैक्ट पेंटिंग बनाई जाती हैं। वैसे कभी-कभी फिगरेटिव काम भी करते हैं। आर्टिस्ट मोहित भाटिया के अनुसार, क्लाइंट की चॉइस और डिजाइनर के साथ डिस्कशन के बाद तय करते हैं कि फिगरेटिव बनाना है या एब्सट्रैक्ट। वैसे पेंटिंग में क्या बनाना है ये तो हम ही तय करते हैं बस रंगों की पसंद उनकी होती है क्योंकि रंग के साथ उनकी पूरी स्कीम जुड़ी होती है।

सदाबहार नीला

हमारे जीवन में सदाबहार रूप से शामिल रंग है नीला यानी आकाश और समुद्र का स्वाभाविक रंग। यह शांति और सुकून भरा लुक देता है आपके इंटीरियर को। ब्लू कलर के साथ व्हाइट सबसे ज्यादा फबता है। यह ‘स्वर्ग में बनी जोड़ी जैसा अहसास देता है। ऑरेंज मस्ती का रंग है। इस नारंगी रंग के मुकाबले आपके घर को कोई भी दूसरा रंग सुंदर नहीं बना सकता है। इसमें सब रंग शामिल दिखाई देते हैं। मिट्टी के मटमैले रंग से लेकर हरा, पीला व व्हाइट कृसब इसके साथ संतुलन बनाते हैं। यह ग्रीन, व्हाइट, मटमैले, सुर्ख लाल-सभी के साथ सहज ही मिक्स हो जाता है। लैवेंडर या टॉरक्वाइज के साथ इसका कंट्रास्ट उल्लास और शांति का सज्जा में संतुलन पेश करता है।

फ्लोरल का ट्रेंड
अब फ्लोरल का ट्रेंड भी वापस आ गया है। पर्दे और अपहोल्स्ट्री ब्राइट फ्लोरल प्रिंट्स वाले अब दोबारा आपके घर में एंट्री लेंगे। दो तरह से फ्लोरल यूज किए जा सकेंगे, एक तो पेयर करके और दूसरा फ्लोरल मैडनेस की तरह यानी हर जगह फ्लोरल, अपहोल्स्टरी से लेकर कार्पेट, वॉल पेपर्स और लैम्पशेड से लेकर कुशन कवर्स तक सभी जगह फ्लोरल। हालांकि ये ट्रेंड कमजोर दिलवालों के लिए नहीं है। 

(इंटीरियर डिजाइनर पायल कपूर से बातचीत पर आधारित)

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