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त्योहारों के मौसम में शॉपिंग की बात करें, तो सामानों कीलिस्ट काफी लंबी-चौड़ी बन जाती है। इसमें गणेश-लक्ष्मी की मूॢत खरीदने से लेकर घर की सजावट की चीजें, कपड़ों कीखरीदारी और ज्वैलरी तक सब कुछ शामिल होता है।

दिवाली का नाम सुनते ही मन खुशी और उत्साह से प्रफुल्लित हो उठता है, चेहरे खुद-ब-खुद खिल जाते हैं, दिल उमंगों से भर जाता है और फिर बारी आती है पंचपर्वों की तैयारी और खरीदारी की। यूं तो इस मौके पर साफ-सफाई से लेकर रंगाई और पुताई तक, नई चीजों की खरीदारी से लेकर तोहफे लेने-देने तक हर चीज का अपना विशेष महत्त्व है।

मगर त्योहार की तैयारी के लिए बहुत-सी चीजों की आवश्यकता होती है, जिसके चलते तकरीबन एक महीने पहले से ही हम तैयारियों में जुट जाते हैं, क्योंकि हर दिन का विशेष महत्त्व है। सबसे पहले जानते हैं पांच दिवसीय जगमगाते त्योहार की विशेषताएं।

धनतेरस पर खरीदते हैं बर्तन

यह त्योहार धनतेरस के नाम से विख्यात है। इस दिन चिकित्सक भगवान धन्वंतरी की भी पूजा की जाती हैं। समुद्र मंथन के समय धन्वंतरी सफेद अमृत कलश लेकर अवतरित हुए थे। इस खास दिन पर लोग बर्तनों की खरीददारी करते हैं। शेषतौर से तांबे के बर्तन इस दिन खरीदे जाते हैं और धन की पूजा भी की जाती है।

इस खास मौके पर सोने और चांदी के आभूषण भी खरीदे जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि खासतौर से इस दिन खरीदे गए सामान में 13 गुना ज्यादा वृद्धि हो जाती है। ऐसे में लोग इस पर्व पर चांदी के लक्ष्मी-गणेश और सिक्के आदि भी खरीदते हैं।

नरक चतुर्दशी पर सफाई करने की प्रथा

इस दिन को रूप चौदस, नरक चौदस और छोटी दीपावली कहकर भी पुकारा जाता है। इस दिन सूर्योदय के वक्त शरीर पर उबटन लगाने और तेल लगाने का विधान है। इसके अलावा तिल के तेल के चौदह दीप जलाने की भी प्रथा है। सफाई के दौरान घर में रखी खराब वस्तुओं को भी हटाने का विधान है।

दीपावली की पूजा

कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाने वाली दीपावली अंधकार पर प्रकाश की जीत का पर्व है। इस दिन घर के सभी कोनों को दीपक की रोशनी से रोशन किया जाता है। इस खास दिन पर लक्ष्मी जी की पूजा का विधान है। पूजा के लिए एक चौकी पर माता लक्ष्मी की मूर्ति रखें और उनकी दाईं दिशा में श्रीगणेश की मूर्ति रखें। ध्यान रहे कि इन मूर्तियों का मुख पूर्व दिशा की ओर रहे।

गोवर्धन पूजा

दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पर्व पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस खास दिन पर लोग अपने घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत का चित्र बनाकर गोवर्धन भगवान की पूजा करते हैं। इस दिन गायों की सेवा का भी विशेष महत्त्व है। इस दिन गिरिराज देव को अन्नकूट का भोग लगाया जाता है और छह्रश्वपन प्रकार के भोग तैयार कर भगवान को नैवेद्य लगाया जाता है।

भाई दूज

भाई-दूज का पर्व काॢ क मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व भाई- ज्योति सोही पंचपर्वों की तैयारी और खरीदारी त्योहारों के मौसम में शॉपिंग की बात करें, तो सामानों की लिस्ट काफी लंबी-चौड़ी बन जाती है। इसमें गणेश-लक्ष्मी की मूॢत खरीदने से लेकर घर की सजावट की चीजें, कपड़ों की खरीदारी और ज्वैलरी तक सब कुछ शामिल होता है। बहन के अटूट स्नेह और पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। मान्यतानुसार इन दिन मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है।

ऐसे करें पंचपर्वों की तैयारीz

घर की सफाई और सामानों की मरम्मत

दिवाली में साफ-सफाई का विशेष महत्त्व है। कहा जाता है कि साफ-सुथरे घर में ही मां लक्ष्मी का वास होता है, इसलिए घर में लंबे समय से बेकार पड़े सामान को कबाड़ में दे दें। इसके बाद रोज़ाना आप एक कमरे की सफाई अवश्य करें। ई बार घर का कुछ सामान जैसे र्नीचर या बिजली से चलने वाले उपकरण खराब होने के कारण एक कोने में रख दिए जाते हैं, तो दिवाली से कुछ दिन पहले आप उस सामान को भी ठीक करवा सकती हैं, ताकि मेहमानों की आवाजाही में उसका इस्तेमाल हो सके।

रंगोली की तैयारी

दियों से दिवाली पर रंगोली बनाने का चलन है और आंगन में सजने वाली रंगोली अपनी कलात्मकता को दर्शाती है। रंगोली के रंग इस त्योहार के उत्साह को दोगुना कर देते हैं।

बंदनवार

इसमें कोई दो राय नहीं कि मौका कोई भी हो दरवाज़े पर बंदनवार सजाए बगैर अधूरा है। यूं तो बाज़ार में कई तरह के बंदनवार मौजूद हैं, लेकिन आप ऐसे बंदनवार का चुनाव करें, जो किसी $खतरे को न्यौता न दे। जी हां, हल्के बंदनवार न सिर्फ टांगने में आसान रहते हैं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा की नज़र से भी फायदेमंद हैं। घर के प्रवेश द्वार पर बंदनवार को बांधे, जो ताज़गी और अच्छे शगुन के अलावा घर को खूबसूरत लुक भी देते हैं।

एलइडी लाईट्स

रंग-बिरंगी रोशनी वाली ये लाइटें एक तरफ तो पावर कम खर्च करती हैं, दूसरी तरफ बच्चों के लिहाज़ से पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके अलावा बड़े बल्बों को रंगीन पेपर से सजा सकती हैं या फिर बल्बों पर बांस की बनी टोकरियां रख सकती हैं। टोकरी से छन कर आने वाली रोशनी घर की सजावट में चार-चांद लगा सकती है, साथ ही बच्चों के हाथों से भी बल्ब को दूर रखने में सहायक है।

लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति खरीदें

दीपावली की पूजा के लिए विशेष तौर से भगवान लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदना शुभ माना जाता है। इससे घर में धन और सुख-शांति आती है। मूर्ति के साथ-साथ लक्ष्मी-गणेश के पद् चिह्नï भी खरीद सकते हैं।
गिफ्ट्स की खरीदारी अगर आप दिवाली या भाई दूज के लिए कुछ उपहार खरीदना चाहती हैं, तो दिवाली से तकरीबन दस दिन पहले उपहार लेकर रख लें, ताकि भीड़-भाड़ और आखिरी मौके पर होने वाली परेशानी से बचा जा सके।

डिस्काउंट का फायदा उठाएं दिवाली के मौके पर बाजारों में ज्यादातर सभी तरह के सामान पर विशेष छूट मिलती है। ऐसे में अगर आप लिविंग एरिया के सोफे कवर बदलना चाहती हैं या फिर बेडरूम को नई बेडशीट से सजाने का मन बना रही हैं, तो ये एक अच्छा मौका है। इससे आप न सिर्फ घर को नया लुक दे पाएंगी बल्कि बाज़ार में डिस्काउंट रेट पर खरीददारी करने का मौका भी मिलेगा। मगर इस खरीददारी के दौरान आप में सही और गलत सामान में अंतर करने का सामर्थ्य होना भी बेहद आवश्यक है।

गिफ्ट के लालच से बचें

त्योहारों में खरीददारी के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गिफ्ट के लोभ में आप कोई फालतू सामान घर न ले आएं। जी हां, बड़ी-बड़ी कंपनियां लुभावने विज्ञापनों का इस्तेमाल करके अपने सामान की बिक्री आसानी से कर देते हैं। मगर ऐसे में आप स्क्रैच कार्ड, गोल्ड ह्रश्वलेटिड काईन या गिफ्ट कूपन के लोभ में अपने पैसे खर्च करने से बचें। ज़रूरत और अपनी जेब के मुताबिक ही शॉपिंग करें।

ब्रांड और भरोसा

कई बार सस्ते के चक्कर में हम लोकल सामान खरीद बैठते हैं, जो कुछ समय बाद ही खराब होने लगता हैं। ऐसे हालात में इस बात का ख्याल रखें कि कौन- सी कंपनी कितनी भरोसेमंद है और सामान में कौन कौन से फीचर्स हैं, ताकि सामान जल्दी खराब न हो और सालों साल तक चले।

कपड़े और ज्वैलरी खरीदते वक्त भी हमें ब्रांड और कीमत के साथ-साथ नए पैटर्न और फैशन का ख्याल रखना भी बेहद ज़रूरी है। इसीलिए ब्रांड के साथ-साथ फैशन को न
भूलें और अपनी शॉपिंग को किफायती के साथ-साथ स्टाइलिश भी बनाएं।

दीयों को वॉटर कलर और गोटा पट्टी से बनाएं आकर्षक
बाज़ार में बिकने वाले मोम के दीये चंद मिनटों में खत्म हो जाते हैं। साथ ही उनसे हाथ जलने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में अगर आप सुरक्षित दिवाली मनाना चाहते हैं और घर को देर रात तक दीये की रोशनी से रोशन करना चाहती हैं,
तो आप घर में भी अपने दीयों को भिन्न-भिन्न रंगों और गोटा पट्टी से सजा सकती हैं, जो न सिर्फ किफायती रहेगा बल्कि आपके घर में नयापन और सुंदरता खुद-ब- खुद झलकेगी।

टेक्नोलॉजी का रखें ख्याल

त्योहारों के मौके पर बाज़ार कई तरह की स्कीमों से लैस होते हैं। ऐसे में अगर आप भी कोई गैजेट खरीदने का मन बना रही हैं, तो किसी जानकार की सलाह ज़रूर लें। ध्यान रहे कि कहीं सस्ते के चक्कर में आप पुरानी तकनीक या फिर पुराने मॉडल का सामान न ले आएं।

ऐसे में शोरूम में विभिन्न मॉडलों पर नज़र दौड़ाएं और उनकी विशेषताओं का अवलोकन करें। कहने की आवश्यकता नहीं है कि त्योहार है तो पकवानों और मिठाइयों का दौर तो चलना ही है। तो समय रहते आप भी पकवानों की तैयारी कर लें और अपनों के साथ हंसी-खुशी इन पंचपर्वों का आनंद लें।

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