बच्चों में त्यौहारों के प्रति उत्साह जगाएं
Enthusiasm for Festivals

Enthusiasm for Festivals: त्यौहार हमारी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं इसलिए इनका बरकरार होना बहुत जरूरी है। त्यौहारों के प्रति बच्चों में उत्साह जगाने के लिए आप क्या कर सकते हैं, आइए जानें-

पहले जहां घर के सभी लोग एकजुट होकर त्यौहार मनाते थे, बाजार जाया करते थे और त्यौहार मनाने के लिए अपना मनपसंद सामान खरीदते थे, वहीं अब बच्चों के साथ बाजार जाने के लिए पैरेंट्स के पास समय ही नहीं होता। आज एकल परिवार में यह साथ कहीं पीछे छूट गया है, जिसका परिणाम यह है कि आज के बच्चे परंपराओं को भूलते जा रहे हैं। मनोचिकित्सक प्रंजलि मल्होत्रा कहती हैं कि पहले जब परिवार के सभी सदस्य एकसाथ घर को सजाते थे तो उसका आनंद ही कुछ और था। आज त्यौहार की उमंग और जोश नदारद रहता है। त्यौहारों के उल्लास को सही तरीके से महसूस करने के लिए जरूरी है कि हम अपने बच्चों को इस खुशी के मौसम से सराबोर करते हुए इसके सही मायने समझाएं जैसे-

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अपने बच्चों को त्यौहार के औचित्य के बारे में समझाएं, उन्हें बताएं कि हम दशहरा, दीवाली आदि त्यौहार क्यों मनाते हैं? इस बारे में एक सप्ताह पहले से बताना शुरू करें, ताकि वह तैयार हो जाए और इस उल्लास को महसूस कर सकें। इन त्यौहारों को समझाने के लिए उन्हें इससे जुड़ी कहानियां सुनाएं। आज के बच्चों को गैजेट्स से विशेष प्यार है तो उन्हें इन त्यौहारों से संबंधित वीडियो दिखाएं और त्यौहार से जुड़े पात्र के तौर पर उन्हें कहानी सुनाएं।

Enthusiasm for Festivals-rishton kee ahamiyat bataen
rishton kee ahamiyat bataen

त्यौहार ही वह मौका होता है जब पूरा परिवार एक जगह इकठ्ठा होता है और एक साथ समय बिताता है। इस तरह का मेल-मिलाप उनके जीवन में रिश्तों की अहमियत को समझने में मदद करता है इसलिए बच्चों के लिए त्यौहार बड़े खास होते हैं। ऐसे मौके पर उन्हें अपने चचेरे, ममेरे भाईयों-बहनों के साथ परिवार के दूसरे बड़ों के साथ मिलवाएं, जो उनसे बहुत दूर रहते हैं।

dilachaspee paida karen
dilachaspee paida karen

त्यौहार बच्चों को अपने रीति-रिवाज की जानकारी देने का सबसे अच्छा जरिया होते हैं। त्यौहार के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी बच्चों के अंदर दिलचस्पी पैदा करती है और यह बच्चों को संस्कार देने का सबसे अच्छा तरीका होता है इसलिए उनको प्रोत्साहित करें ताकि उनको दिलचस्पी पैदा हो।

बच्चे को हर संस्कार के बारे में और कैसे यह हमारे जीवन में सौभाग्य लाते हैं, कि जानकारी देते रहे। भले ही उसे यह समझने में समय लगे पर बड़ा होने पर यह जानकारी उसे इन रीति-रिवाजों को अपनाने में मदद करेंगी। आपका यह छोटा सा प्रयास उसके पूरे जीवन को संवार देगा।

दीवाली पर कार्ड भेजने की परंपरा खत्म हो रही है, आप इसे पुनर्जीवित कर सकते हैं। अपने लाडले को कार्ड बनाने के लिए पेपर और रंग लाकर दें। उन्हें दशहरे-दीवाली से संबंधित प्रतीकों को बनाने और रंग भरने को कहें। इसके बाद इन कार्ड्स को उन्हें दोस्तों को देने के लिए कहें। चाहें तो लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति उन्हें दें ताकि वे इन मूर्तियों को अपने मनपसंद रंगों से सजाएं।

बच्चे बड़े हैं तो घर के लिए कुछ खरीदने या गिफ्ट देने के लिए कुछ लेने से पहले इस बारे में उनकी राय जरूर लें। लेटेस्ट फैशन क्या है? गिफ्ट आइटम में नया क्या है? आदि के बारे में बच्चों को ज्यादा पता होता है। इससे बच्चों को लगेगा कि उनकी राय की भी अहमियत है और वे भी फेस्टिव शॉपिंग का हिस्सा हैं।

जब बच्चों के लिए कपड़ों की खरीदारी करनी हो तो उन्हें अवश्य साथ ले जाएं। बच्चों के कपड़े उनकी पसंद के मुताबिक खरीदें। आप अगर अपनी पसंद का कपड़ा ले भी आएंगी तो जरूरी नहीं कि बच्चों को वो कपड़े पसंद ही आएं। अपने लाडले या लाडली को मौके के अनुरूप ड्रेस पहनाएं ताकि उन्हें समझ में आए कि यह दिन किस उद्देश्य से खास है।

फेस्टिव के मौके पर आप घर सजाने के लिए बच्चों से कहें ताकि उन्हें पता लगे कि त्यौहार का मतलब क्या होता है? जैसे- आप बाजार में कई तरह की खूबसूरत रोशनी की लड़ियां खरीद लाएं और बच्चों को इन्हें अलग-अलग स्टाइल में लगाने को कहें। इसके अलावा पूजा कक्ष में रंगोली बनाने के लिए कहें और उसके महत्व के बारे में भी बताएं। आपका यह प्रयास जहां उसके जीवन के लिए फायदेमंद होगा, वहीं आपको उसके अंदर छिपी क्रिएटिविटी के बारे में भी पता चलेगा।

त्यौहार ही मौका होता है जब पूरे घर की साफ-सफाई होती है। इस साफ-सफाई में आप अपने बच्चे की मदद लें। यदि आप झाड़-पोंछ का काम कर रही हैं तो एक कपड़ा अपने लाडले या लाडली को भी पकड़ाएं और उसे सोफा, टीवी यूनिट, खिलौने आदि साफ करने का काम सौंपें। आपकी इस शुरुआत से बच्चे को अपना काम स्वयं करना आ जाएगा, जो आगे चलकर उसके लिए ही फायदेमंद होगा।

भगवान को चढ़ाने के लिए प्रसाद बनाने में आप बच्चे की मदद ले सकती हैं। सिर्फ इतना ही नहीं मेहमानों को प्रसाद देने के लिए छोटे पेपर बैग लाइए और उसमें प्रसाद रखने का काम बच्चों को दीजिए। यदि बाजार से त्योहार से संबंधित मिठाइयां या ड्राईफ्रूट्स खरीदने हैं तो उन्हें साथ ले जाइए और खरीदारी में उनकी मदद लीजिए।