भगवान गणेश की चांदी से बनी प्रतिमा की पूजा का विशेष महत्व है। आपने भी कई बार ऐसा देखा होगा, लेकिन शायद ही जानते होंगे कि गणेश जी की चांदी की प्रतिमा की पूजा का महत्व क्या है। आइये आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों किया जाता है।
 
इस तरह करें घर के मंदिर में स्थापित
हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है चांदी के गणेश की पूजा करने से गरीबी दूर होती है। ऐसा करने वाला व्यक्ति आर्थिक रूप से सम्पन्न होता है और अपने करियर में सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचता है। माना जाता है कि चांदी से बनी भगवान गणेश की प्रतिमा की पूजा करने से नौकरी मिलने संभावना बढ़ जाती है। किसी को दिया गया धन आपको वापस नहीं मिल रहा है, तो इसमें भी लाभ मिल सकता है। इसके लिए चांदी से बनी गणेश जी की मूर्ति को तांबे की थाली में रखकर अपने घर के मंदिर में स्थापित करें। ध्यान रखें कि इस मूर्ति में गणेश जी का आकार खड़ा स्थिति में हो। इसके बाद नियमित श्रद्धापूर्वक गणेश जी की आराधना करें।
 
पूजा में रखें इन बातों का ध्यान 
जानकारों का मानना है कि गणेश जी की चांदी से बनी प्रतिमा की आराधना करने से घर का कलह दूर होता है और सुख-शांति आती है। इसके लिए चांदी के गणेश की मूर्ति को शिव और पार्वती की मूर्ति के बगल में स्थापित करना चाहिए। इसके बाद स्टील की थाली में चावल, घी, दही और चीनी रखकर पूरी श्रद्धा के साथ गणेश और शंकर-पार्वती की पूजा करनी चाहिए। पूजा के अंत में कपूर की आरती करें। इससे परिवार में सम्पन्नता आती है।