Chettinad Travel
Chettinad Travel

Chettinad Travel: तमिलनाडु का चेत्तीनाड क्षेत्र अपने ऐतिहासिक वैभव और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। यह इलाका न केवल अपनी भव्य हवेलियों के लिए प्रसिद्ध है बल्कि यहाँ के मसालेदार और विशेष व्यंजन भी दुनियाभर में मशहूर हैं। चेत्तीनाड की पहचान इसकी परंपराओं, स्थापत्य कला और खानपान के अद्वितीय संगम में छुपी है। आइए कुछ बिंदुओं के माध्यम से समझते हैं कि चेत्तीनाड क्यों खास है। 

Grand and historical mansions
Grand and historical mansions

चेत्तीनाड की हवेलियाँ वास्तुकला का जीता-जागता उदाहरण हैं। ये हवेलियाँ 19वीं और 20वीं सदी में समृद्ध चेत्तियार समुदाय ने बनवाई थीं। इन हवेलियों में बर्मा टीक लकड़ी, इटली और स्पेन से लाए गए टाइल्स और बेल्जियम के शीशे का प्रयोग किया गया है। विशाल आँगन, ऊँचे खंभे और सुंदर लकड़ी की नक्काशी इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं। हर हवेली में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय डिज़ाइनों का अनूठा मेल देखने को मिलता है जो चेत्तीनाड को स्थापत्य प्रेमियों के लिए खास बनाता है।

चेत्तीनाड की रसोई अपने तीखे और मसालेदार व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की रेसिपी में काली मिर्च, लाल मिर्च, सौंफ, दालचीनी, और लौंग जैसे मसालों का खूब इस्तेमाल होता है। चेत्तीनाड चिकन, मटन करी, और कोझी रसम जैसे व्यंजन दुनिया भर में पसंद किए जाते हैं। खास बात यह है कि यहाँ हर व्यंजन में पारंपरिक पद्धति और ताजगी का समावेश होता है, जिससे स्वाद की गहराई बढ़ जाती है।

Cultural heritage and lifestyle
Cultural heritage and lifestyle

चेत्तीनाड का जीवनशैली भी इसकी खासियत है। यहाँ के लोग अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हैं और परंपराओं का पालन बड़े गर्व से करते हैं। विवाह और त्योहारों में यहाँ की समृद्ध परंपराओं की झलक मिलती है। पारंपरिक चेत्तीनाड साड़ियाँ और आभूषण भी यहाँ की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं। यह क्षेत्र सामूहिक जीवनशैली और सामाजिकता के लिए भी जाना जाता है।

चेत्तीनाड में न केवल हवेलियाँ बल्कि भव्य मंदिर भी स्थापत्य का अद्भुत उदाहरण हैं। स्थानीय मंदिरों में द्रविड़ वास्तुकला की उत्कृष्ट कारीगरी दिखाई देती है। श्री विजया मुथुमारीअम्मन मंदिर और कन्दनूर मंदिर जैसे स्थल श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं। इन मंदिरों में नक्काशी और पारंपरिक शिल्प कला का अद्भुत संयोजन मिलता है।

Rural tourism and slow travel
Rural tourism and slow travel

चेत्तीनाड आजकल ग्रामीण पर्यटन के केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहाँ की शांति, पारंपरिक गांव और सादगीपूर्ण जीवनशैली यात्रियों को ‘स्लो ट्रैवल’ का अनुभव कराती है। साइकिल राइड, गांव की गलियों में घूमना, पारंपरिक कुकिंग क्लासेज़ और स्थानीय बाजारों में खरीदारी पर्यटकों को यहाँ के असली स्वाद से रूबरू कराते हैं। यह जगह उन लोगों के लिए आदर्श है जो भीड़-भाड़ से दूर शांत और गहरे अनुभव की तलाश में हैं।

चेत्तीनाड अपने भव्य हवेलियों, स्वादिष्ट व्यंजनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण भारतीय पर्यटन मानचित्र पर एक विशेष स्थान रखता है। यहाँ का हर कोना इतिहास, संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली की कहानी सुनाता है। यदि आप भारत के अनदेखे लेकिन असाधारण स्थानों की खोज करना चाहते हैं तो चेत्तीनाड आपकी सूची में जरूर होना चाहिए। यहाँ का अनूठा संगम दिल में हमेशा के लिए बस जाता है।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...