Budget friendly ideas
Budget friendly ideas

Budgeting Tips: आजकल आमदनी और खर्चे दोनों ही काफ़ी बढ़ गये हैं। जिसकी जितनी इनकम बढ़ती जाती है उसके खर्चे उतने ही बढ़ते जाते हैं इसलिए अच्छा-ख़ासा कमाने के बाद भी लोग सेविंग नहीं कर पाते हैं और हमेशा ही उनको लगता है कि उनकी कमाई कम पढ़ रही है। ऐसा दरअसल इसलिए होता है कि वो अपने फ़ालतू के ख़र्चों पर रोक नहीं लगा पाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा ही होता है तो आप अपने अनियंत्रित ख़र्चों पर लगाम लगाने के लिए बजटिंग करें। चलिए बताते है किस तरह बजट के हिसाब से खर्च करने से आप फ़ालतू के ख़र्चों पर लगाम लगा सकेंगे।

अपनी इनकम कैलकुलेट करें

सबसे पहले आप अपनी हर जगह से कुल आय को जोड़ लें। इसमें नेट इनकम ही जोड़ें। पीएफ़, टीडीएस आदि का जो पैसा कटता है उसको नहीं जोड़ना है। इसके अलावा आपका जो पैसा ईएमआई, हेल्थ इंश्योरेंस आदि में अपने आप कट जाता है उसको भी इसमें नहीं जोड़ना है। सिर्फ़ इन बाद जो पैसा आपके हाथ में आता है उसको ही जोड़ना है अन्यथा आपको लगेगा आपके पास बहुत पैसा है और आप ज्यादा खर्च कर सकते हैं।

ख़र्चों को ट्रैक करें

अपनी इनकम का हिसाब लगाने के बाद आप अपने ख़र्चों को ट्रैक करें कि कहाँ किस चीज़ में कितना पैसा खर्च हो रहा है। इसके लिए मोबाइल में ऐप पर या डायरी में लिखते जायें इससे आपको पता रहेगा कि कहाँ खर्च रोकना है।

यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करें

बजटिंग करते समय कोशिश करें कि उन्हीं ख़र्चों पर लगाम लगायें जो आप कम कर सकते हों तभी आपको सही सेविंग पता चल सकेगी। इसमें शॉर्ट-टर्म और लाँग टर्म प्लान अलग रखें और उसी के हिसाब से अपने गोल तय करें।

बजट प्लान तैयार करें

Monthy budget is a must
Monthy budget is a nust

इनकम के हिसाब से देखें कि कहाँ आप खर्च करते आ रहे हैं और अब कहाँ और खर्च करना चाहते हैं। इसके हिसाब से देखें कि आप कहाँ पैसा बचा सकते हैं और बचत कर सकते हैं। इसकी एक लिस्ट तैयार करें। इनमें फिक्स्ड खर्चे और जो बदलते रहते हैं सबका हिसाब लिखें।

50/30/20 बजट का नियम

अपनी इनकम और खर्चे को मैनेज करने के लिए 50/30/20 बजट का नियम फॉलो करें। यानी कि आपकी इनकम का 50 प्रतिशत आपकी आवश्यकताओं पर, 30 प्रतिशत ऐसी चीज़ों पर जो आप चाहते हैं और 20 प्रतिशत बचत पर जाना चाहिये। ऐसे लोग जो ख़र्चों को रोक नहीं पाते हैं वो एनवेलप बजटिंग कर सकते सकते हैं। आप हर एनवेलप में केटेगरी के हिसाब से पैसे रख दें। जब जिस केटेगरी का पैसा ख़त्म हो जाये तो आप खर्च रोक दें।

बजट के हिसाब से एडजस्ट करें

एक बार जब बजट बनाकर आपको अपनी आमदनी और ख़र्चों के बारे में पता चल जाये तो आप अपने ख़र्चों को बजट के साथ एडजस्ट करें। नये खर्चे करने से बचें।

रिव्यू करते रहें

आपने जो बजट बनाया है उसको समय-समय पर रिव्यू करते रहें। देखें की जिन जगह खर्च हो रहा है वो ज़रूरी है या रोक सकते हैं। अगर कोई सस्ता और अच्छा ऑप्शन मिले तो उन पर विचार करें।

तो, आप भी अगर ज्यादा खर्चीले हैं तो इस तरह से बजटिंग करके अपने ख़र्चों को कम कर सकते हैं।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...