Shani Dev Favourite Zodiac Sign: शनि देव को क्रूर स्वभाव वाला माना जाता है, क्योंकि कर्मों के न्यायाधीश और दंडाधिकारी शनि अपने भक्तों को अच्छे कर्मों का शुभ फल और बुरे कर्मों का दंड जरूर देते हैं। इन्हीं कारण शनि को क्रूर ग्रह का दर्जा प्राप्त है। खासकर साढ़ेसाती, ढैया और महादशा के समय तो शनि बड़े से बड़े व्यक्ति को घुटनों पर ला देते हैं। ज्योतिष शास्त्र में शनि को श्रम, न्याय, गरीब, मजदूर वर्ग आदि का ग्रह माना जाता है। ऐसे में आलस्य, अन्याय, गरीबों और मजदूर वर्ग का शोषण करने वालों को शनि दंड देने में दया नहीं दिखाते। हालांकि अच्छे कर्म करने वाले व्यक्तियों को शनि देव शुभ फल भी देते हैं और इनका जीवन संवार देते हैं।
शनि देव की प्रिय राशियां

शनि सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह भी हैं, जोकि ढाई साल में एक बार राशि बदलते हैं। ऐसे में शनि का अच्छा-बुरा प्रभाव भी लोगों के जीवन में लंबे समय तक रहता है। खासकर साढेसाती, ढैय्या और शनि की महादशा किसी व्यक्ति के लिए ऐसा समय होता है, जब शनि उसके कर्मों का हिसाब करते हैं और कठिन परीक्षाएं लेते हैं। लेकिन कुछ ऐसी राशियां होती हैं, जोकि शनि देव की प्रिय मानी जाती है। इसलिए इस राशियों पर हमेशा ही शनि देव कृपा बरसाते हैं। यहां तक कि साढ़ेसाती और ढैया के दौरान भी शनि देव इन्हें बुरा फल नहीं देते। आइये जानते हैं इस शुभ राशियों के बारे में-
तुला राशि:- तुला राशि में शनि उच्च के माने जाते हैं। शनि जब तुला राशि में विराजमान होते हैं या फिर तुला राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होती है, तब भी शनि देव उन्हें संतुलन, न्याय और स्थिरता प्रदान करते हैं। इसका कारण यह है कि तुला राशि शनि की मूल प्रवृत्ति जैसे न्याय और अनुशासन से मेल खाती है। इसलिए तुला वाले जातकों का जीवन संघर्ष और कठिनाईयों से भरे होने के बावजूद भी ये लोग प्रगति की राह प्राप्त कर लेते हैं।

वृश्चिक राशि (Scorpio):- वृश्चिक भी शनि देव की प्रिय राशियों में एक है, जब इस राशि पर शनि की साढेसाती या ढैय्या का चरण शुरू होता है तब शनि इन्हें मानसिक और आध्यात्मिक रूप से बहुत मजबूत बनाते है। जब इनका समय समस्याओं और संघर्षों से भरा होता है तब भी शनि देव की कृपा से ये सफलता हासिल कर लेते हैं।

मकर राशि:- मकर राशि के स्वामित्व शनि देव हैं और यह शनि की अपनी राशि है। इसलिए इस राशि पर शनि का प्रभाव होता है और इस राशि के लोग मेहनती, अनुशासित और धैर्यवान होते हैं। जब इन राशि के लोगों पर साढ़ेसाती या ढैया चल रही होती है तो इन्हें सीखने और आत्म-विकास के अवसर मिलते हैं।

कुंभ राशि:- कुंभ शनि की मूलत्रिकोण राशि मानी है। इस राशि के स्वामित्व भी शनि है। ज्योतिष के अनुसार कुंभ राशि वाले लोग विचारशील और सामाजिक होते हैं। शनि देव कुंभ वालों को बड़े उद्देश्यों के लिए प्रेरित करते हैं और कठिन समय में भी नया मार्ग दिखाते हैं। जब इस राशि पर ढैया या साढ़ेसाती चलती है तो इनका आत्मबल और दूरदर्शिता मजबूत होती है।
