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Diabetes
Benefits of Kashmiri Tea for Diabetes

Diabetes: आज की जीवनशैली ने लोगों में कई तरह की बीमारियों को जन्म दे दिया हैं। इनमें से मधुमेह (डायबिटीज) एक ऐसी ही आम बीमारी बन गई है, जो अब हर उम्र के लोगों को परेशान करने लगी है। लाख कोशिशों के बावजूद भी लोग खुद को फिट नहीं रख पा रहे हैं। ऐसे में मधुमेह से राहत देने के लिए कश्मीर की जड़ी-बूटियों से बनी पिंक पाउडर की चाय खुब कारगर है और यही कारण है कि यह लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बनी हुई है। टी-करी (Teacurry) की पिंक टी पाउडर की चाय पीने से तंदरुस्ती के साथ-साथ यह त्वचा की चमक को भी बढ़ाता है और इससे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।

इसे लेकर कॉमेडियन और छोटे पर्दे के कलाकार कीकू शारदा कहते हैं कि उन्होंने खुद पिंक पाउडर से बनी चाय से अपना वजन कम किया है। दावा है कि ये पाउडर जड़ी-बूटियों, फूलों और पत्तियों का एक स्वादिष्ट हर्बल मिश्रण है, जो पीने में स्वादिष्ट लगता है। बता दें कि मधुमेह से लड़ने के लिए पिंक टी पाउडर में शुद्ध गुलाब के फूल होते हैं जो सूखे और पाउडर के रूप में होते हैं, साथ ही कुचली हुई इलायची, अदरक, लौंग, जिन्हें चाय की पत्तियों और दालचीनी के साथ मिलाया जाता है।

मधुमेह को नियंत्रित करने के साथ ही यह मिश्रण वजन घटाने, रक्तचाप को नियंत्रित करने, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। इसके अलावा दावा है कि यह त्वचा की चमक, हड्डियों के स्वास्थ्य, दांतों की सड़न और शरीर के विषहरण के लिए भी लाभदायक है। बताया जा रहा है कि यह किसी भी अन्य ब्लैक टी की तुलना में तैयार करना कहीं अधिक आसान है।

जो कंपनी इसे तैयार कर रही है उसके चीफ मार्केटिंग ऑफिसर रितु सिंह ने बताया कि इस भारतीय चाय में प्राकृतिक तत्व होते हैं और कोई संरक्षक नहीं होता है। इसके अलावा, कोई कृत्रिम स्वाद या रंग नहीं जोड़े गए हैं। एक बार तैयार होने के बाद इसमें इलायची, केसर और मेवों की जादुई सुगंध होती है। इसका स्वाद दूधिया मिठाई की तरह होता है और इसमें मीठा स्वाद होता है और सब कुछ प्राकृतिक होने पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।

Diabetes
Herbal Tea

इसके अलावा दावा किया जा रहा है कि इस चाय के पीने से शरीर में बन रहे अत्यधिक शर्करा (शुगर) भी नियंत्रित होती है। जब शरीर में शर्करा की मात्रा अधिक हो जाती है तो शरीर की संवेदनशीलता कम हो जाती है। हार्मोन का बनना कम हो जाता है या बनता ही नहीं। इसका परिणाम यह होता है कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। जिसके कारण शरीर में रोगों की संख्या भी लगातार बढ़ने लगती है। शरीर में दवाओं का असर या तो होता नहीं है या बहुत कम होता है। यदि शर्करा की मात्रा काफी अधिक संख्या में है तो दवा काम करना बंद कर देती है। ऐसे में मधुमेह के रोगियों के लिए यह जरूरी है कि शरीर में रक्त शर्करा की मात्रा संतुलित रखें। इसमें हर्बल चाय मददगार साबित होता है और इससे मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

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