प्रेग्‍नेंसी में क्‍यों होता है ब्रेस्‍ट में दर्द, जानें इसके कारण और कम करने के उपाय: Breast Pain During Pregnancy
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Breast Pain During Pregnancy: प्रेग्‍नेंसी के दौरान हर महिला को कई तरह के शारीरिक कष्‍टों का सामना करना पड़ता है, जिसमें ब्रेस्‍ट में होने वाला दर्द बेहद सामान्‍य है। प्रेग्‍नेंसी में ब्रेस्‍ट में कई तरह के बदलाव आते हैं जो कि किसी बड़ी समस्‍या का कारण नहीं होते। सामान्‍यतौर पर ये बदलाव समय के साथ अपने आप ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन इस दौरान यदि हार्ड ब्रेस्‍ट और अधिक दर्द की अनुभूति होती है तो इसके लक्षणों और कारणों के बारे में आवश्‍य जान लें। तो चलिए जानते हैं प्रेग्‍नेंसी में होने वाले ब्रेस्‍ट पेन के कारण और उपाय के बारे में।

क्‍या प्रेग्‍नेंसी में ब्रेस्‍ट में दर्द होना सामान्‍य है

Breast Pain During Pregnancy
Is it normal to have breast pain during pregnancy

ब्रेस्‍ट में दर्द जिसे मेडिकल टर्म में मास्‍टाल्जिया भी कहा जाता है। प्रेग्‍नेंसी के शुरुआती दौर में ब्रेस्‍ट पेन का अनुभव होना सामान्‍य है। प्रेग्‍नेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह के अलग-अलग लक्षण महसूस होते हैं जिसमें से ब्रेस्‍ट में दर्द होना सामान्‍य है। हालांकि हर महिला दर्द का अनुभव करे ये जरूरी नहीं है। कई बार ये दर्द पीरियड्स पेन की शुरुआत का संकेत भी हो सकता है।

ब्रेस्‍ट का कौन सा हिस्‍सा होता है प्रभावित

प्रेग्‍नेंसी के शुरुआती चरण में महिलाओं को एक स्‍पेसिफिक प्‍वॉइंट पर या दोनों ब्रेस्‍ट में दर्द का अनुभव हो सकता है। कुछ महिलाओं को पूरे ब्रेस्‍ट में हल्‍का दर्द रहता वहीं कुछ को आर्मपिट के बाहरी हिस्‍से में दर्द होता है।

प्रेग्‍नेंसी में ब्रेस्‍ट पेन के लक्षण

प्रेग्‍नेंसी के दौरान ब्रेस्‍ट में दर्द के ये लक्षण हो सकते हैं।

– एक या दोनों ब्रेस्‍ट में झुनझुनी होना।

– एक या दोनों ब्रेस्‍ट में कठोरपन।

– प्रेग्‍नेंसी के दौरान ब्रेस्‍ट में दर्द होने के कारण सुस्‍त महसूस करना।

– रात के समय ब्रेस्‍ट में अधिक दर्द होना।

– ब्रेस्‍ट का साइज बढ़ना।

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प्रेग्‍नेंसी में ब्रेस्‍ट पेन के कारण

प्रेग्‍नेंसी के दौरान कई हार्मोन के स्‍त्राव से ब्रेस्‍ट ग्रंथि में कोमलता और ब्रेस्‍ट में दर्द होता है। इस दौरान ब्रेस्‍ट में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं।

फर्स्‍ट ट्रेमिस्‍टर : एस्‍ट्रोजन, प्रोजेस्‍टेरोनई और प्रोलैक्टिनी हार्मोन के रिलीज होने के कारण ब्रेस्‍ट में परिवर्तन होते हैं। ये हार्मोन ब्‍लड वैसल्‍स में वृद्धि और दूध लोब्‍यूल्‍स के विकास का कारण बनते हैं। ये बदलाव ब्रेस्‍ट की संवेदनशीलता और कोमलता को बढ़ा सकते हैं।

सेकेंड और थर्ड ट्रेमिस्‍टर : प्रोजेस्‍टेरोन के लेवल में वृद्धि के कारण, दूध लोब्‍यूल्‍स का विकास अधिक होता है। हार्मोन आपके ब्रेस्‍ट को दूध उत्‍पादन के लिए तैयार करते हैं। इसलिए इस दौरान आपके स्‍तन के अंदर दुग्‍ध लोब्‍यूल्‍स और दुग्‍ध नलिकाएं लगातार खिंचती हैं, जिससे असुविधा हो सकती है।

कैसे करें प्रेग्‍नेंसी में ब्रेस्‍ट के दर्द को कम

प्रेग्‍नेंसी में हो सकती हैं समस्‍याएं
How to reduce breast pain during pregnancy

सर्पोटिव ब्रा लें

जैसे-जैसे प्रेग्‍नेंसी के दौरान आपके ब्रेस्‍ट का साइज बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे समस्‍याएं भी बढ़ती जाती हैं। ऐसे में आपको सर्पोटिव ब्रा का चुनाव करना चाहिए। एक अच्‍छी ब्रा दर्द को कम करने और असहजता को कम करने में मदद करती है।

कपड़े के पैड का प्रयोग

यदि आप अपने निप्‍पल से किसी तरह के रिसाव का अनुभव करते हैं तो इसे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। असुविधा से बचने के लिए ब्रा के अंदर डिस्‍पोजेबल या कपड़े के पैड का उपयोग कर सकते हैं।

आइस पैक का प्रयोग

एक कपड़े को गर्म पानी में भिगोएं और इसे ब्रेस्‍ट के ऊपर रखें ताकि दर्द को कम करने में मदद मिल सके। ब्रेस्‍ट ग्रंथि के दर्द को कम करने के लिए आप आइस पैक भी रख सकते हैं।

संपर्क से बचें

अक्‍सर कपड़े, सीटबेल्‍ट, पर्स स्ट्रिंग्‍स और शावरहेड से स्‍प्रे के साथ सीधे शारीरिक संपर्क में आने से असुविधा और दर्द बढ़ सकता है। इसलिए सावधा‍नी बरतें और आरामदायक चीजों का प्रयोग करें।