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यदि गर्मी के मौसम में और बीमारियों से बचाव के लिए हाइजीन बनाए रखनी है तो आपको नहाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए आपको बताते हैं कि किन -किन उपायों से आप सफाई रख सकते हैं और बीमारियों से बचाव भी कर सकते हैं –
फिटकिरी के पानी से स्नान
नहाने से पहले नहाने के पानी में फिटकिरी डाल कर छोड़ दें। जब फिटकिरी पानी में अच्छी तरह से घुल जाए तब इसी पानी से स्नान करें। फिटकरी एक ऐसा रासायनिक यौगिक है, जिससे हमारे शरीर को बहुत अधिक लाभ तो होता ही है साथ ही ये पानी की सफाई भी कर देता है। इसे आफ्टर शेव लोशन की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं। फिटकिरी के पानी से कर तरह के बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं और स्नान के बाद तरोताज़ा भी महसूस होता है। लेकिन ध्यान रहे कि फिटकिरी की ज्यादा मात्रा आपकी त्वचा के लिए नुक्सानदेह भी हो सकती है इसलिए हफ्ते में एक या दो बार ही इस पानी से स्नान करें।
नीम के पानी से स्नान
नीम के पानी से नहाने का अलग ही महत्व है। नीम में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं जो हमें विभिन्न प्रकार के संक्रमण से बचाते हैं। प्राचीन समय से ही नीम के पानी का उपयोग नहाने के लिए किया जा रहा है। यहां तक कि नवजात शिशु को भी नीम के पानी से ही स्नान कराया जाता है जिससे त्वचा संबंधी रोग नहीं होते हैं। नीम में एंटी-बैक्टीरियल गुण होने के कारण त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
पानी में एंटीसेप्टिक लिक्विड मिलाएं
नहाने के पानी में एंटीसेप्टिक लिक्विड जैसे डेटॉल या सेवलॉन मिला सकते हैं जिससे सभी प्रकार के कीटाणुओं का खत्म हो जाता है और किसी भी बीमारी की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है।
पानी में वेनेगर या कपूर मिलाएं
नहाने के पानी में एक चम्मच वेनेगर या कपूर का तेल मिलाकर नहाने से पसीने की बदबू दूर होती है और यह एक प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल की तरह भी काम करता है।