प्रभास की टीम ने सारा खर्च उठाने के लिए संपर्क किया

दिक्कत यह है कि पैसे का इंतजाम तो हो गया है कि लेकिन एक बड़ी मदद के लिए साउथ के सितारों को आगे आना होगा...

Fish Venkat Health: साउथ इंडिया के सीनियर अभिनेता-कॉमेडियन फिश वेंकट बुरे हालात से गुजर रहे हैं। वेंकट इन दिनों गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती हैं। उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत है। वन इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उनकी बेटी श्रावंती ने बताया कि प्रभास की टीम ने उनसे संपर्क कर आर्थिक मदद की पेशकश की है। उन्होंने उन टॉलीवुड के बड़े सितारों से भी मदद मांगी है, जिनके साथ उनके पिता ने काम किया है।

फिश वेंकट की बेटी ने टॉलीवुड से अपने पिता के लिए मदद की अपील की है। वेंकट की बेटी श्रावंती ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि ट्रांसप्लांट के लिए कम से कम 50 लाख रुपए की जरूरत है, जिसकी मदद करने की पेशकश प्रभास ने की है। उन्होंने कहा, “पापा बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं। वह बहुत गंभीर हालत में आईसीयू में हैं। उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत है। इसके लिए हमें कम से कम 50 लाख रुपए की जरूरत होगी। प्रभास के असिस्टेंट ने हमें कॉल किया और आर्थिक मदद की पेशकश की। उन्होंने कहा कि जब भी ट्रांसप्लांट होगा, हमें बताएं ताकि वह इसका खर्च उठा सकें।”

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उन्होंने यह भी बताया कि परिवार में कोई भी किडनी डोनेट करने की स्थिति में नहीं है और वे डोनर ढूंढने में असफल हो रहे हैं। उन्होंने टॉलीवुड से डोनर ढूंढने में मदद की अपील करते हुए कहा, “चाहे चिरंजीवी हों, पवन कल्याण हों, अल्लू अर्जुन हों या जूनियर एनटीआर। मैं आशा करती हूं कि वे मेरे पापा के लिए डोनर ढूंढने में मदद करेंगे। उन्होंने सभी के साथ अच्छी फिल्मों में काम किया है। अब कोई भी उनकी परवाह नहीं कर रहा है। मैं सभी से निवेदन करती हूं कि कृपया मेरे पापा की मदद करें।”

फिश वेंकट टॉलीवुड में अपने कॉमिक और विलेन के किरदारों के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी मजबूत तेलंगाना बोली के कारण उन्हें ‘फिश’ नाम से पुकारा जाने लगा। उनकी बेटी के अनुसार, उन्होंने ‘बन्नी’, ‘अधुर्स’, ‘धी’ और ‘मिरापाकाय’ जैसी कई हिट फिल्मों में टॉलीवुड के बड़े सितारों के साथ काम किया है। हाल ही में वह ‘आहा’ की थ्रिलर फिल्म कॉफी विद अ किलर में नजर आए थे।​​​​​​​ पैंडेमिक के दौरान उन्होंने सिद्धु जोनालगड्डा के साथ ‘मा विन्था गाधा विनुमा’ और ‘डीजे टिल्लू’ जैसी फिल्मों में काम किया, जहां उनके अभिनय की काफी प्रशंसा हुई थी।

प्रभास की ‘कन्नप्पा’ हाल ही में रिलीज हुई। जो ठीक-ठाक पसंद की जा रही है। इसमें हिंदू मिथक के प्रसिद्ध भक्त की कहानी है जिसने भगवान शिव के लिए अपनी दोनों आँखें तक निकाल दी थीं। भक्त से पहले वह ‘थिन्नाडु’ नाम का एक शिकारी था, जो किसी भगवान में विश्वास नहीं करता था और मूर्ति पूजा का मजाक उड़ाता था। एक दिव्य अनुभव के बाद उसकी जिंदगी बदल जाती है और वह शिव भक्त बन जाता है। 1954 में बनी ‘बेड़ा कन्नप्पा’ और 1976 में बनी ‘भक्त कन्नप्पा’ में इस कहानी को बेहतरीन ढंग से दिखाया जा चुका है। लेकिन इस नई फिल्म में वो कहानी और संस्कृति दोनों गुम हो गए। 

ढाई दशक से पत्रकारिता में हैं। दैनिक भास्कर, नई दुनिया और जागरण में कई वर्षों तक काम किया। हर हफ्ते 'पहले दिन पहले शो' का अगर कोई रिकॉर्ड होता तो शायद इनके नाम होता। 2001 से अभी तक यह क्रम जारी है और विभिन्न प्लेटफॉर्म के लिए फिल्म समीक्षा...