Rupali Ganguli
Rupali Ganguli's Husband

Rupali Ganguli: दर्शकों के पसंदीदा सीरियल अनुपमा में लोगों को अनुपमा और अनुज की केमेस्‍ट्री बेहद पसंद है। जिस तरह अनुज अनुपमा का साथ देता है, काम करने के लिए प्रोत्‍साहित करता है और जैसे उसके हर काम को सराहता है। हर कोई अपने लाइफ पार्टनर में ऐसे ही गुण चाहेगा। मगर क्‍या आप जानते हैं कि आपकी चहेती अनुपमा यानि रूपाली गांगुली के रियल हसबैंड अश्विन वर्मा भी अनुज की ही तरह सपोर्टिव और केयरिंग हैं। रूपाली गांगुली और उनके हसबैंड के रिश्‍ते में वैसी ही समझदारी और प्‍यार है जैसा अनुपमा में अनुज के साथ है।

दोस्‍ती से हुई रिश्‍ते की शुरूआत

रिश्‍ते की नींव दोस्‍ती पर रखी हो तो जिंदगी की मुश्किलों को हैंडल करना पार्टनर के लिए बहुत आसान हो जाता है। रूपाली गांगुली और अश्विन वर्मा शादी के पहले एक दूसरे के दोस्‍त थे। कई सालों तक डेटिंग के बाद उन्‍होंने 2013 में शादी की। दोस्‍ती जब शादी के बंधन में बंधती है तो बहुत सारे बदलाव से दोनों को गुजरना पड़ता है। ऐसा ही कुछ इनके साथ भी हुआ। अश्विन जो कि यूएस में इंश्‍योरेंस कंपनी में वी.पी. थे, वे शादी के लिए जॉब छोड़कर इंडिया में सेटल हो गए। रूपाली गांगुली ने भी शादी के बाद करिअर से ब्रेक ले घर और रिश्‍ते को समय दिया। ये सब करना आसान नहीं होता। दोनों ने रिश्‍ते को निभाने के लिए अपने से ज्‍यादा दूसरे को अहमियत दी।

हसबैंड करते हैं सपोर्ट  

सालों के बाद वापस काम करने की हिम्‍मत लाना और काम और घर अच्‍छे से मैनेज कर पाना मुश्किल होता है। रूपाली गांगुली के लिए भी ये आसान नहीं था। शुरू में जब अनुपमा के लिए उन्‍होंने स्‍क्रीन टेस्‍ट दिया तो वे काफी नर्वस थीं। अपने लुक और कमबैक को लेकर परेशान रहतीं कि पता नहीं इतने सालों बाद दर्शकों का कैसा रिएक्‍शन होगा। पहले साराभाई वर्सेज साराभाई में लोगों ने रूपाली को काफी पसंद किया था। अश्विन ने कमबैक के समय न सिर्फ उन्‍हें इमोशनल सपोर्ट दिया बल्कि घर को भी संभालने में मदद की। वे रूपाली काे हमेशा स्‍पेशल फील कराते हैं। रूपाली के मुताबिक वे जब काम के बाद घर पहुंचती हैं तो उन्‍हें किसी रानी की तरह फील होता है। वे काम अश्विन के सपोर्ट की वजह से कर पा रही हैं। अश्विन घर और बच्‍चों की जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं। जिससे काम के वक्‍त उन्‍हें घर की चिंता नहीं होती।

हर दिन स्‍पेशल

रूपाली आज वापस अपने करिअर को नए मुकाम पर पहुंचा चुकी हैं। मगर जब उन्‍होंने काम से ब्रेक लेकर घर संभालने का निर्णय लिया तब भी अश्विन उन्‍हें वही सम्‍मान देते थे जो पहले शादी के पहले या आज देते हैं। उनको कभी भी किसी तरह कम होने का अहसास नहीं हुआ। रूपाली का मानना है कि जिस तरह उनके पिता के लिए वो प्रिंसेज थीं वैसे ही उनके पति ने उन्‍हें रानी की तरह रखा है। वे हमेशा बेहद खास महसूस करती हैं। रूपाली के लिए कोई एक स्‍पेशल दिन महिला दिवस की तरह नहीं है। अश्विन उनके हर दिन को स्‍पेशल बना देते हैं।‍  

निशा सिंह एक पत्रकार और लेखक हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिलेमें हुआ। दिल्‍ली और जयपुर में सीएनबीसी, टाइस ऑफ इंडिया और दैनिक भास्‍कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्‍थानों के साथ काम करने के साथ-साथ लिखने के शौक को हमेशा जिंदा...

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