Raj Kachori Wins in MasterChef: जब बात होती है भारतीय स्ट्रीट फूड की शान की, तो राज कचौरी का नाम अपने आप सबसे ऊपर आ जाता है। और यही साबित कर दिखाया मास्टरशेफ ऑस्ट्रेलिया की भारतीय मूल की प्रतियोगी दीपिंदर छीबर ने जब उन्होंने इस चटपटे, रंग-बिरंगे और भावनाओं से भरी डिश से जजों का दिल जीत लिया।

खस्ता गोल कचौरी के भीतर भरे मसालेदार आलू, चने, दही, मीठी-तीखी चटनियाँ और क्रंची वरा ने मिलकर एक ऐसा संगम बनाया, जिसे देखकर जज कह उठे, “मुँह में पानी आ गया है!”

Raj Kachori Wins in MasterChef
Master Chef Australia Judges

जज एंडी एलन ने इसे चखने के बाद कहा, “इतनी परतें, इतने रंग, और सब कुछ इतने सामंजस्य से! यह स्वाद नहीं, एक अनुभव है  ऐसा ही कुछ तो भारत है: खूबसूरती से भरा हुआ हलचल।”

इस डिश की खासियत सिर्फ स्वाद नहीं थी  इसमें थे यादों के टुकड़े। दीपिंदर ने बताया कि यह उनके बचपन की सबसे खास डिश थी। वो बोलीं, “जब मैं छोटी थी, मम्मी-पापा कहते थे कि ये पूरी राज कचौरी तू अकेले नहीं खा पाएगी। मैं जिद करती, ‘खा लूंगी,’ लेकिन कभी पूरी खत्म नहीं कर पाई। आज इस प्लेट के ज़रिए मैंने अपनी बचपन की कहानी परोसी है।”

जज सोफिया लेविन ने दीपिंदर की पेशकश से इतनी प्रभावित होकर कहा, “अगर राज कचौरी स्ट्रीट फूड का राजा है, तो तुम उसकी रानी हो!”

राज कचौरी को यूं तो भारत की गलियों में हजारों बार चखा गया होगा, लेकिन मास्टरशेफ के मंच पर स्वाद, स्मृति और संस्कृति  तीनों को एक साथ समेटे थी।

राज कचौरी सिर्फ एक स्ट्रीट फूड नहीं, बल्कि भारतीय जड़ों और यादों से जुड़ा एक अनमोल हिस्सा है। उत्तर भारत खासकर राजस्थान और दिल्ली की गलियों में यह डिश त्योहारों, मेलों और खास मौकों की जान मानी जाती है। यह वो व्यंजन है जिसे खाते वक्त लोग न सिर्फ स्वाद लेते हैं, बल्कि अपने बचपन की गली, स्कूल के बाद के ठेले, और मम्मी-पापा के साथ बिताए पलों को भी याद करते हैं। दीपिंदर ने उसी भावना को अंतरराष्ट्रीय मंच पर परोसा  और एक साधारण स्ट्रीट फूड को ग्लोबल पहचान दिलाई।

खुद दीपिंदर ने इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा, ‘”बिलकुल बिना किसी शक के, ये डिश मेरे शहर नई दिल्ली की स्ट्रीट फूड संस्कृति की आत्मा को बख़ूबी दर्शाती है। और ये मेरी सबसे पसंदीदा डिश में से एक भी है। इसे बनाना और परोसना तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण है दिल्ली की गलियों में जो हुनरमंद कलाकार इसे तैयार करते हैं, वो इसे जितनी सहजता से बनाते हैं, वो काबिल-ए-तारीफ़ है। स्वाद की बात करें तो ये डिश एकदम ज़बरदस्त फ्लेवर बम है! अगर मौका मिले, तो इस पर एक किताब भी लिख सकती हूँ!”

राज कचौरी की खास बात यह है कि इसमें हर स्वाद  मीठा, तीखा, नमकीन, खट्टा और मसालेदार  एक साथ मौजूद होता है। खस्ता बाहरी परत को जब दही, चटनी और मसालेदार भरावन के साथ मिलाया जाता है, तो हर बाइट एक स्वाद विस्फोट जैसा लगता है। ऊपर से डाले गए अनार, बारीक सेव और हरे धनिए से यह व्यंजन न सिर्फ देखने में मनभावन होता है, बल्कि टेक्सचर में भी इतना रिच होता है कि हर एक चम्मच एक नया अनुभव देता है। यही जादू मास्टरशेफ के मंच पर भी देखने को मिला।

दीपिंदर छिब्बर का जन्म नई दिल्ली में हुआ और बचपन की यादें उनके दिल में गहराई से बसी हैं। 11 साल की उम्र में वह अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया के सिडनी चली गईं, जहां उन्होंने नई ज़िंदगी की शुरुआत की। भले ही उनका पेशा फार्मेसी से जुड़ा है उनके पिता भी फार्मासिस्ट हैं लेकिन उनकी असली पहचान कुकिंग के प्रति उनके जुनून ने बनाई।

2018 में दीपिंदर ने गुरकीरत से शादी की, जो उनके सबसे बड़े सपोर्टर हैं और हमेशा उनके सपनों को साकार करने में उनका साथ देते रहे हैं। आज दीपिंदर छिब्बर ऑस्ट्रेलिया में भारतीय खाने की संस्कृति को लेकर एक मिसाल बन गई हैं, और अपने हुनर से देश-विदेश में नाम कमाती जा रही हैं।

राधिका शर्मा को प्रिंट मीडिया, प्रूफ रीडिंग और अनुवाद कार्यों में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। हिंदी और अंग्रेज़ी भाषा पर अच्छी पकड़ रखती हैं। लेखन और पेंटिंग में गहरी रुचि है। लाइफस्टाइल, हेल्थ, कुकिंग, धर्म और महिला विषयों पर काम...