Overview: मलाइका अरोड़ा ने बताया बचपन का संघर्ष,
अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने हाल ही में अपने बचपन के संघर्षों के बारे में बात करते हुए बताया कि कैसे उनके माता-पिता के तलाक के बाद उनकी मां ने उन्हें और उनकी बहन अमृता को अकेले पाला। उन्होंने कहा कि इसी कारण वह छोटी उम्र में ही जिम्मेदार बन गईं और हमेशा अपनी मां की मदद करने और अमृता की देखभाल करने की कोशिश करती थीं।
The Painful Truth of Malaika Arora: बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस और डांसर मलाइका अरोड़ा ने हाल ही में अपने बचपन और शुरुआती करियर के बारे में कुछ दिल को छू लेने वाली बातें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि कैसे एक सिंगल मदर के घर पलने और अपनी छोटी बहन अमृता अरोड़ा की देखभाल करने से वह समय से पहले ही जिम्मेदार बन गईं।
बचपन में माता-पिता का तलाक
11 साल की उम्र में अलगाव मलाइका ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब वह सिर्फ 11 साल की थीं, तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया था। इस अलगाव के बाद, मलाइका और उनकी छोटी बहन अमृता को उनकी मां, जॉयस पॉलीकार्प ने अकेले पाला।
“तूफान भरा” बचपन
मलाइका ने अपने बचपन को “तुफान भरा” बताया, लेकिन साथ ही यह भी माना कि कठिन समय आपको महत्वपूर्ण सबक सिखाते हैं। उन्होंने अपनी मां की ताकत और दृढ़ता से बहुत कुछ सीखा।
छोटी उम्र में ही ली बहन की जिम्मेदारी
मलाइका ने कहा कि उनकी मां ने उन्हें और अमृता को अकेले पाला, इसलिए उन्हें हमेशा यह महसूस हुआ कि बड़ी बेटी होने के नाते यह उनका कर्तव्य है कि वह अपनी मां की मदद करें और उन्हें सहारा दें।
अमृता के लिए सरोगेट मां

मलाइका ने अपनी बहन अमृता के लिए खुद को एक “सरोगेट मां” बताया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा अमृता की देखभाल करती थीं, उसके लिए लड़ाई लड़ती थीं और उसका सामान पैक करने में भी मदद करती थीं। “डीडी…” कह कर बुलाती थी अमृता: मलाइका ने याद किया कि अमृता उन्हें उनके नाम से नहीं, बल्कि हमेशा “दीदी” कहकर बुलाती थी। यह उनके रिश्ते की गहराई को दिखाता है।
करियर की शुरुआत और आर्थिक स्वतंत्रता
मलाइका ने बताया कि उन्होंने कॉलेज के दिनों से ही मॉडलिंग शुरू कर दी थी। कॉलेज में उनकी उपस्थिति कम होने पर उनकी मां को कॉल आते थे, क्योंकि वह मॉडलिंग के शोज और विज्ञापनों में व्यस्त रहती थीं।
आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने की इच्छा
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पैसों के लिए काम नहीं कर रही थीं, बल्कि वह आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना चाहती थीं। उन्होंने कहा, “मैं घर चलाने के लिए काम नहीं कर रही थी, लेकिन मुझे लगा कि यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं अपनी मां की मदद करूं, क्योंकि वह एक अकेली मां थीं।” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मां ने उनसे कभी ऐसी उम्मीद नहीं की थी, लेकिन यह उन्हें अपना कर्तव्य लगता था।
अरबाज़ खान से तलाक के बाद सिंगल मदर का सफर
मलाइका ने अपनी शादी और तलाक के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अरबाज़ खान से अलग होने का फैसला किया, तो उनके लिए अकेले अपने बेटे अरहान को पालना एक बड़ी चुनौती थी। वह उस समय ‘डर, असुरक्षा और भय’ जैसी भावनाओं से गुजरी थीं, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और एक दिन में एक कदम आगे बढ़ने का फैसला किया। उनका मानना था कि उन्हें एक ‘वर्किंग सिंगल मदर’ बनना होगा ताकि वह अपने बेटे और खुद का ख्याल रख सकें।
बचपन और जवानी के बीच का अंतर
मलाइका ने बताया कि बचपन में वह एक टॉमबॉय थीं। वह और अमृता बचपन में साथ में खेला करती थीं और उनकी दोस्ती बहुत मजबूत थी। लेकिन जैसे-जैसे वे बड़ी हुईं, उनका रिश्ता और भी गहरा होता गया और मलाइका ने अमृता को हर कदम पर सहारा दिया, जैसे एक मां अपनी बेटी को देती है। उनका रिश्ता आज भी बहुत मजबूत है।
ये सभी विवरण इस बात पर जोर देते हैं कि मलाइका का जीवन शुरुआती दौर से ही चुनौतियों से भरा रहा है, लेकिन उन्होंने अपनी मां से प्रेरणा लेकर उन चुनौतियों का सामना किया और एक आत्मनिर्भर और जिम्मेदार महिला बनीं।
