Summary : जूही की शादी आसान हालत में नहीं हुई थी
जूही चावला ने जय मेहता संग शादी के दौरान मांको खो दिया। कठिन पलों में सास के सहारे को याद किया। सास ने उन्हें बेटी मानकर आजादी दी और भावनात्मक सहारा दिया...
Juhi Chawla Wedding Story: 1988 में कयामत से कयामत तक फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली जूही चावला ने 1995 में बिजनेसमैन जय मेहता से शादी की। यह जय मेहता की दूसरी शादी थी और जूही की पहली। उनकी पहली पत्नी सुजाता बिड़ला का 1990 में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। सुजाता, उद्योगपति यश बिड़ला की बहन थीं। शुरुआत में जूही चावला ने अपनी शादी को छुपाकर रखा। राजीव मसंद को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि जय मेहता ने उन्हें कैसे प्रपोज किया और कठिन समय में उनकी सास ने किस तरह उनका साथ दिया।
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने शादी को गुप्त क्यों रखा, तो इश्क (1997) फिल्म की यह अदाकारा बोलीं, “उस समय सभी ऐसा करते थे। इंटरनेट नहीं था, हर फोन में कैमरा नहीं था, तो यह आसान था। उस समय मैं इंडस्ट्री में खुद को स्थापित कर रही थी और कुछ अच्छी फिल्मों पर काम कर रही थी। जब मैंने जय से शादी करने के लिए हां कहा, तो मैं डरी हुई थी कि इससे मेरा करियर खत्म हो जाएगा। उसी समय मेरी मां का भी निधन हो गया और मुझे लगा जैसे मैं सब कुछ खो रही हूं।”
जूही तो पहले से जानती थी जय को

जूही चावला ने बताया कि उनका रिश्ता जय मेहता से फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले ही शुरू हो गया था लेकिन एक्टिंग करियर शुरू होने के बाद दोनों का संपर्क टूट गया। मुंबई के अंधेरी इलाके में रहते हुए वह पूरी तरह काम पर ध्यान दे रही थीं, जब एक दिन वह एक दोस्त की डिनर पार्टी में फिर से जय मेहता से मिलीं। इसके बाद दोनों का संपर्क बढ़ा और जय ने उन्हें फूल और खत भेजना शुरू कर दिया। एक बार तो उन्होंने जूही के जन्मदिन पर गुलाब के फूलों से भरा ट्रक ही भेज दिया। एक साल तक कोर्टशिप के बाद जय ने उन्हें प्रपोज़ किया और एक साल बाद जूही ने उनका प्यार स्वीकार कर लिया।
टूट गई थी जूही

शादी से पहले ही जूही की मां का निधन हो गया था, जिससे वह बेहद टूट गईं। उन्होंने शादी के बाद फिल्मों से दूरी बनाने का फैसला कर लिया था। जूही ने कहा, “कहते हैं, जब एक दरवाजा बंद होता है तो एक खिड़की खुलती है। मेरे पति जय, मेरे ससुरालवाले, खासकर मेरी सास ने मेरा बहुत ख्याल रखा। एक समय था जब मैं पूरे दिन उदास रहती थी। मेरी सास हमेशा कहती थीं, ‘मैं तुम्हें अपनी बेटी मानती हूं, बहू नहीं। जो तुम्हें अच्छा लगे, वह करो।’ उन्होंने मुझे दोबारा काम करने की आजादी दी।”
दूरदर्शन सह्याद्री को दिए एक इंटरव्यू में जूही ने बताया कि उनकी शादी मूल रूप से महालक्ष्मी रेसकोर्स में एक भव्य समारोह के रूप में होना थी, जिसमें लगभग 1000 मेहमानों को बुलाने की योजना थी। लेकिन उनकी मां के निधन के बाद सारे प्लान रद्द कर दिए गए। उस समय जूही गहरे सदमे में थीं । उनकी सास ने इस कठिन समय में उनका साथ दिया और सभी शादी की तैयारियां रद्द कर दीं, यहां तक कि दुनिया भर में भेजे गए निमंत्रण पत्रों के बावजूद, उन्होंने जूही पर किसी भी भव्य शादी का दबाव नहीं डाला। इसके बजाय उन्हें भरोसा और भावनात्मक सहारा दिया।
जूही को सबसे बड़ा दर्द भाई से मिला
जूही ने अपने छोटे भाई के निधन के दर्दनाक अनुभव को भी साझा किया। उनके भाई को ब्रेन हेमरेज हुआ था और वह कई दिनों तक कोमा में रहे। इस दौरान जूही अस्पताल में घंटों बैठी रहीं, लेकिन डॉक्टरों की बातें और इलाज की प्रक्रिया वह समझ नहीं पा रही थीं। उनका भाई वेंटिलेटर पर था और अंततः उसका निधन हो गया। जूही ने कहा कि यह अनुभव उनके दिल पर गहरी चोट छोड़ गया और वह दिल से चाहती हैं कि ऐसा दर्द किसी को न झेलना पड़े।
