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पुरस्कार की हकदार जोईलैंड फिल्म अपने ही देश में क्यों हुई बैन?: Joyland Movie
Joyland Movie

Joyland Movie: पाकिस्तान की जोईलैंड फिल्म जिसने वैश्विक स्तर पर अवार्ड्स जीते और ऑस्कर के लिए नॉमिनेट तक हुई आज उसी के मुल्क में बैन कर दी गई। बैन करने की वजह रही इसका सामाजिक ताने-बाने से मेल न खाना। एक ऐसी कहानी जिसमें एक पुरुष और महिला ट्रांसजेंडर की प्रेम कहानी को दर्शाया गया है और यहीं से फिल्म एक दिलचस्प मोड़ ले लेती है। आइये जानते हैं आखिर क्यों प्रतिष्ठित पुरस्कार की हकदार जोईलैंड फिल्म अपने ही मुल्क में विवादों से घिरी। साथ ही जानेंगे इस फिल्म की खासियत के बारे में :

सामाजिक ताने-बाने से मेल नहीं खाती जोईलैंड

फिल्म जोईलैंड को शिकायतों के बाद ही बैन किया गया है। दरअसल पाकिस्तान के सेंसर बोर्ड को इस बारे में कई सारी लिखित शिकायतें भेजी गई। शिकायतों में कहा गया है कि इस फिल्म में कई आपत्तिजनक चीजें दिखाई गई हैं जो समाज के अनुकूल नहीं। ये नैतिकता और शालीनता जैसे मूल्यों से मेल नहीं खाती है इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से सेंसर बोर्ड ने बैन कर दिया है।

Joyland Movie
Joyland does not match the social fabric

जोईलैंड फिल्म में ऐसा क्या है?

सिनेमा आज सामाजिक बदलावों को अपने साथ लेकर चल रहा है। आज कल LGBTQI के हक़ की बात हर ओर उठ रही है इसी को ध्यान में रखकर इस फिल्म को बनाया गया। एक नए कांसेप्ट के साथ आई फिल्म जोईलैंड लाहौर के एक मध्यमवर्गीय राणा परिवार की कहानी है। इसी राणा परिवार का छोटा बेटा हैदर बिब्बा से प्रेम कर बैठता है। बिब्बा एक थिएटर आर्टिस्ट होने के साथ-साथ एक नृत्यांगना (डांसर) भी है। अब प्रेम कहानी में जेंडर विशेष केंद्र में है इसलिए आगे इस फिल्म में हैदर और बिब्बा के सामने आने वाली उन सभी परेशानियों को उजागर किया गया है।

जोईलैंड को मिले प्रतिष्ठित पुरस्कार

कान फिल्म फेस्टिवल में जोईलैंड फिल्म को प्रदर्शित किया गया जहां से दुनिया वालों की नजर इसपर पड़ी। सबसे दिलचस्प बात यह कि यह कान फेस्टिवल में प्रदर्शित होने वाली पाकिस्तान के इतिहास की पहली फिल्म भी है। इतना ही नहीं इस फिल्म को फेस्टिवल में दस मिनट तक स्टैंडिंग ओवेशन भी मिला। इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में इसने सर्वश्रेष्ठ फिल्म फ्रॉम द सब कॉन्टेनेंट का खिताब भी जीता।

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