फ़िल्म एक्ट्रेस उषा किरण की पोती सैय्यामी का बचपन नासिक शहर में बीता। उनके पैरेन्ट्स मॉडलिंग की दुनिया से थे । बुआ और दादी दोनो फ़िल्म लाइन से थी, फिर भी शुरू से ही सैय्यामी को खेल से लगाव था । कॉलेज की पढ़ाई के लिए जब वे मुंबई आयी तो थिएटर से जुड़ने का मौक़ा मिला और एक्टिंग का कीड़ा लग गया । सैय्यामी से हुई एक मुलाक़ात हमारी मुंबई ब्यूरो चीफ़ गरिमा चंद्रा की ।
1. आपका नाम बहुत अलग सा है ? इस नाम के पीछे की स्टोरी क्या है ?
मेरे मॉम, डैड और दादी ने मुझे ये नाम दिया है । यह एक संस्कृत के शब्द ” संयम ” से बना है । नाम के अनुरूप अपनी ज़िंदगी में मुझे बहुत संयम है बस चॉक्लेट सामने हो तो मेरा संयम टूट जाता है और मैं कंट्रोल नहीं कर पाती। सब भूल कर चॉक्लेट खा लेती हूँ ।
2. फ़िल्म मिर्ज़िया आपको कैसे मिली और आपने इस फिल्म के लिए किस तरह की तैयारी की ?
मिर्ज़िया के लिए मैंने ऑडिशंज़ दिए थे। बहुत सारे ऑडिशंज़ दिए, लुक टेस्ट हुए फिर ये किरदार मिला । फिर ट्रेनिंग के लिए दिल्ली गए वहाँ क्लैसेज़ हुई । रोल बहुत डिमांडिंग था इसलिए प्रीपरेशन भी ज़्यादा करनी पड़ी । मेरे किरदार साहिबां और सूचि दोनो में काफ़ी अंतर है, तो फ़िज़िक्ली भी महनेत करनी पड़ी। इन सब के बीच राकेश सर ने बहुत हेल्प की ।
3. एक्टिंग का कीड़ा कैसे लग गया ?
वैसे अभी भी मेरा पहला प्यार स्पोर्ट्स ही है। मैंने नैशनल लेवल पर क्रिकेट और बैडमिंटन खेला है । ऐक्टिंग मुझे अपनी दादी और बुआ से मिली है । मुंबई में सेंट ज़ेवियर्स में पढ़ाई के दौरान थिएटर करने का मौक़ा मिला । एक साउथ की फ़िल्म की फिर मिर्ज़िया मिल गई ।
4. एक्टिंग और स्पोर्ट्स के अलावा भी कोई शौक़ है ?
जी हाँ, मुझे म्यूज़िक का बहुत शौक़ है लेकिन आज की जेनरेशन के गाने नहीं बल्कि पुराने गाने किशोर दा, रफ़ी जी, लता जी, आशा जी। मेरी प्ले लिस्ट में आपको इन ही के गाने मिलेंगे । मैं ख़ुद भी गाती हूं, लेकिन अभी तो मैं केवल बाथरूम सिंगर के लिए क्वालिफ़ाई करूँ, शायद बीस साल बाद गाने भी लगूँ ।
मुझे खाने का भी बहुत शौक़ है और मैं खाना भी बनाना जानती हूं। नासिक में स्कूल से वापस आकर मैं अपने डैड के रेस्ट्रॉंन्ट चली जाती थी और वहां किचन में शेफ़ के साथ खाना बनाने में हेल्प करती थी । मुझे बहुत सारे डेज़र्ट बनाना आता है और मैं रूमाली रोटी भी बना लेती हूं। उस समय शो ऑफ़ के चक्कर में मैंने रूमाली रोटी की उपर उछालना भी सीख लिया था ।
मुझे घूमने का भी शौक़ है। नई-नई जगह जाना, वहाँ की कल्चर के बारे में जानना वहाँ का खाना टेस्ट करना, नेचर से जुड़ना मुझे अच्छा लगता है ।
5. ज़िंदगी में आपका आयडील कौन है ?
क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर मेरे सबसे बड़े आईडीयल हैं । उनका नाम लेते ही मेरे चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती है। वो मेरी लाइफ़ के सबसे बड़े टीचर है । स्पोर्ट्स मेन होने के नाते उनमें अनुशासन तो है, लेकिन साथ ही उनकी मेहनत करने की क्षमता, उनका जमान से जुड़े रहना और अपनी कला के लिए उनका पैशन सीखने लायक है ।
6. अपनी पसंदीदा फ़िल्म जिसके रीमेक में आप काम करना चाहे ?
मेरी ऑल टाइम फ़वरेट फ़िल्म ” अभिमान ” है। वैसे भी मैं मिस्टर बच्चन की बहुत बड़ी फ़ैन हूँ । यह फ़िल्म म्यूज़िक्ली भी बहुत सुन्दर है । अभिमान का रीमेक हो तो मैं उसका हिस्सा बनना चाहूंगी ।
7. आपका लाइफ़ मंत्रा क्या है ?
मेरे पेरेंट्स ने मुझे बहुत अच्छी शिक्षा दी है, हमेशा हार्डवर्क करना सिखाया है। मैं मानती हूं कि हार्ड वर्क का कोई विकल्प नहीं होता है। ज़िंदगी में शॉर्ट कट ऐटीट्यूड काम नहीं आता है। मैं मानती हूं कि अपने आप पर विश्वास करना चाहिए और हमेशा खुद को इम्प्रूव करने की कोशिश करनी चाहिए ।
ये भी पढ़े-
आरशीन के कमरे में सजे हैं आलिया के खिलौने
तो इसलिए अमिताभ बच्चन ने लिखा था नव्या व आराध्या को खत
छेड़छाड़ के दर्द से गुजर चुकी हैं तापसी पन्नू
आप हमें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर
सकती हैं।
