बॉलीवुड सुपरहीरो और विलेन सोनू सूद को आज कल कौन नहीं जनता है। बच्चा बच्चा उनके नाम से वाकिफ है। वह बॉलीवुड में अब तक सबसे ज्यादा विलेन का किरदार निभाते आए है। उन्होंने अपने करियर को बनाने के लिए काफी मेहनत की है वहीं अब वह भगवान के रूप में जाने जाते है। उन्हें रियल लाइफ का सुपर हीरो कहा जाता है। इन दिनों वह लोगों के भगवान बने हुए है। ये तो आप अच्छे से जानते ही है कि वह लोगों के लिए भगवान क्यों बने हुए है और अगर आप नहीं भी जानते  आपको इस आर्टिकल के अंदर उनके बॉलीवुड से लेकर अब तक के सफर के बारे में बताने जा रहे है।

आपको बता दे, सोनू सूद का जन्म 30 जुलाई 1973 में पंजाब में हुआ था। वह एक भारतीय मॉडल होने के साथ ही साथ एक अभिनेता हैं जो हिन्दी, तेलुगू कन्नड़ और तमिल फ़िल्मों में अभिनय करते हैं। वह अब तक कुछ विज्ञापनों में भी दिखाई दिए जैसे अपोलो टायर्स, एयरटेल आदि। सोनू सूद ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरूआत फिल्‍म शहीदे-ए-आजम से की थी। जिसमें उन्‍होंने भगत सिंह का किरदार निभाया था। उसके बाद से ही उन्‍होंने कई छोटी बड़ी फिल्‍मों में काम किया है। उन्होंने ने इसके बाद कभी भी पीछे मूड कर नहीं देखा। वहीं अब वह लॉकडाउन के बाद से ही लोगों की मदद करने में लगे हुए है। उन्हें इसके लिए खुद तारीफे लूटी है और लूटे भी क्यों ना आखिर उन्होंने ने काम ही कुछ इस तरह किये है की हर कोई उनसे भीड़ खुश है। उन्होंने लोगों को उनके घरों तक पहुँचाने के साथ ही उनके लिए खाना और घर तक पहुंचने में मदद की। तो चलिए जानते है उनकी लाइफ के बारे में –

सोनू सूद उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए नागपुर शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने ने वहां से यशवंतराव चव्हाण अभियांत्रिकी महाविद्यालय में मॉडलिंग के कई प्रोग्राम में पार्टीसिपेट करना शुरू कर दिया। जिसके बाद वह लोगों के दिल में जगह बनाने लगे हर कोई उन्हें पसंद करने लग गया। आपको बता दे, वह पढ़ाई में काफी अच्छे थे। उन्होंने इंजिनीरिंग किया हुआ है। लेकिन सोनू का सपना एक एक्टर बनने का था। जिसके  लिए उन्होंने खूब स्ट्रगल किया। मुंबई आने के बाद उनका स्ट्रगल शुरू हुआ। वह काफी समय तक किराए के माकन में रहते थे। काफी समय तक स्ट्रगल करने के बाद उन्हें फिल्म कालिसघर में उनका पहला काम मिला। लेकिन इस फिल्म ने उन्हें पहचान नहीं दिलाई क्योंकि यह फ्लॉप हो गई। लेकिन उन्हें उनकी बॉडी के कारण पहचान जरूर मिल पाई है।

दरअसल, जब प्रोड्यूसर ने उन्हें बुलाया तो उन्हें बॉडी दिखाने के लिए कहा, और सोनू की बॉडी देखते ही प्रोड्यूसर को पसंद आ गई और उन्हें यह फिल्म मिल गई। इसके बाद उन्होंने ने कभी भी पीछे मूड कर नहीं देखा वह लगातार अपनी सक्सेस की ओर बढ़ते ही चले गए। सोनू की फिल्मों में युवा, शूटआउट एट वडाला, दबंग, सिंबा जैसी कई फ़िल्केमें शामिल हैं। उन्हें दबंग फिल्म के लिए बेस्ट विलन का आइफा अवॉर्ड भी दिया गया था। साथ ही उन्हें अब तक नंदी अवार्ड, बेस्ट सर्पोटिंग एक्टर फिल्मफेयर अवार्ड भी मिल चुके हैं।

इसके अलावा अब बात करे उनकी लव स्टोरी की तो उनकी लव स्टोरी  इंट्रेस्टिंग है। सोनू और उनकी वाइफ सोनाली एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। जहां उन्हें प्यार हो गया। उन दोनों ने साल 1996 में शादी कर ली। चूंकि सोनाली को लाइम लाइट में रहना बिलकुल भी पसंद नहीं था इसलिए वह इन सब चीज़ों से काफी दूर रही है। सोनू सूद दो बच्चों के पिता भी है। जिनके नाम है अयान सूद और ईशान सूद।

अब बात करते है सोनू लॉकडाउन में किस तरह लोगों के लिए भगवान बने है उसकी। तो आपको बता दे, सोनू सूद ने चल रही वैश्विक महामारी कोरोना में गरीब और बेसहारा लोगों की खूब मदद की उन्होंने मजदूरों को अपने अपने घर तक पहुँचाया है। साथ ही जो बच्चे बाहर विदेश में पढ़ते है उन्हें भी भारत तक  लाने में मदद की है। वहीं सोनू ने कुछ समय पहले ही एक स्किम चालू की जिसके चलते रोज  45000 लोगों को खाना खिलाया जाता है। इसके अलावा वह अब तक भी लोगों की मदद करते आ रहे है। अभी हाल ही में उन्होंने एक ड्राइवर के हाथ कटवाने से बचवा लिया। दरअसल, एक ड्राइवर का एक्सीडेंट हो गया था जिसके बाद उसके हाथ का ओप्रशन होने वाला था लेकिन उसके पास ओप्रशन के पैसे नहीं थे। तो उनकी हाथ कटवाना की नौबत आ  गई थी लेकिन सोनू ने उनके हाथ कटने से बचा लिए। जिसकी वजह से सोनू सूद लोगों के भगवान् बने हुए है।