90 के दशक का सीरियल ‘रामायण’ एक बार फिर से लोगों की पहली पसंद बन चुका है। इस लॉक डाउन के दिनों में इसकी महत्ता साफ झलक रही है।

टीआरपी चार्ट में सबसे उपर-

जहां एक ओर प्राइवेट चैनल्स अपने ही पुराने शोज को रिपीट कर ज्यादा कामयाबी हासिल नहीं कर पा रहे। वहीं इस दौड़ में 90 के दशक में बनीं ‘रामायण’ को लोगों का भरपूर प्यार मिल रहा है। प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर ने ‘बार्क” के हवाले से जानकारी देते हुए यह कहा है कि साल 2015 से लेकर अब तक के जेनरल इंटरटेनमेंट कैटेगरी के मामले में यह बेस्ट सीरियल बन गया है।

लोग याद कर रहे अपने बचपन का दौर-

ना सिर्फ बूढ़े- बुर्जग बल्कि वो पीढ़ी जिसने ‘रामायण’ को बचपन के दिनों में देखा था वह भी इस सिरियल को देख अपने बचपन के दिनों को याद कर रही है। लॉक डाउन के कारण सुबह और रात 9 बजे इस सीरियल के प्रसारित होने के कारण लोग एक जगह आसानी से एकत्रित हो पा रहे हैं और अपने परिवार के संग एक खुशनुमा पल बिताने में सक्षम हो पा रहे हैं। कहीं ना कहीं यह दूर होते रिश्तों को जोड़ने का काम भी कर रहा है।

भा रही दर्शकों को भगवान राम औऱ सीता की जोड़ी-

भगवान राम बनें अरूण गोविल और सीता बनीं दीपिका छिखलर की जोड़ी एक बार फिर लोगों को खूब पसंद आ रही। लोग सुबह औऱ शाम कुछ इस तरीके से रामायण के इंतजार में रहते हैं जैसे कि स्वंय प्रभु राम और सीता मईया दूरदर्शन पर दर्शन देने वाले हो। कहना गलत ना होगा कि रामायण के पुन: प्रसारण से चैनल को काफी लाभ पहुंचा है। हालांकि रामनवमी के दिन इस तरीके से राजा दशरथ का अंतिम संस्कार वाला एपिसोड प्रसारित करना लोगों को कुछ खास रास नहीं आया।

3 अप्रैल को कुछ मिनटों विलंब प्रसारित होगा ‘रामायण’

3 अप्रैल को सुबह कुछ देर से इस सीरियल को प्रसारित किया जाएगा इसकी खास वजह यह है कि इस दिन कुछ देर के लिए प्रधानमंत्री खुद ही आमजन से लाइव वीडियो के जरिए रू-ब-रू होगें। इस धारावाहिक का इतने सालों बाद भी इस तरीके से टीआरपी के सारे रिकॉर्ड तोड़ जाना यह दर्शाता है कि हम लोगों का भारतीय मूल्यों से रिश्ता आज भी कितना पुराना और गहरा है।

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