कलकता के बंगाली म्यूज़िकल परिवार में जन्मी मोनाली के पिता शक्ति ठाकुर बंगाल के प्रसिद्ध सिंगर हैं। पाँच साल की उम्र में मोनाली ने अपना पहला गाना रेकॉर्ड किया था जिसके लिए उन्हें एक आम खाने को दिया गया था। मोनाली ने रियलिटी शो इंडीयन आयडील से बॉलीवुड म्यूज़िक इंडस्ट्री में क़दम रखा। ज़रा ज़रा टच मी, टच मी उनका पहला फिल्मी गाना था । स्कूल कॉलेज में ढेरों अवार्ड्स जीत चुकी मोनाली को ‘मोह मोह के धागे’ गाने के लिए नैशनल अवार्ड भी मिल चुका है। कई रियालटी शो में जज बन चुकी मोनाली इस समय कलर्ज़ चैनल पर दिखाए जा रहे राइज़िंग सुपर स्टार्स की जज है ।
सिंगिंग और ऐक्टिंग
देखिए सिंगिंग, ऐक्टिंग और डान्सिंग, ये सभी परफॉर्मिंग आर्ट्स है। मुझे गाने में और ऐक्टिंग दोनों करने में बहुत मज़ा आ रहा है। मुझे सिंगिंग की वजह से ऐक्टिंग में हेल्प मिलती है और अब मैंने डांस भी शुरू किया है। मुझे इन तीनों में ही कुछ ना कुछ सीखने को मिल रहा है। मुझे ट्रैवल करना भी बहुत पसंद है। जब इस भीड़ भाड़ वाली शाहर की ज़िंदगी, ट्रैफ़िक, गाड़ियों के हॉर्न से परेशान हो जाती हूँ तो कहीं शांत जगह पर घूमने चली जाती हूँ ।
राइज़िंग स्टार्स का अनुभव
इस बार राइज़िंग स्टार्स में कमाल का टेलेट देखने को मिल रहा है ,ये सारे लोग जो आज कॉम्पिटिशन में है कल के स्टार्स है। फिर एक आर्टिस्ट हो कर दूसरे आर्टिस्ट को कुछ भी बोलना या क्रिटिसाइज़ करना बहुत मुश्किल होता है। मैं अपने आप को जज कहलाना पसंद नहीं करती ,क्योंकि मेरा मानना है इस धरती पर किसी की भी औक़ात नहीं है कि किसी और को वो जज करे। हम तो बस उनकी हेल्प कर रहे है और उनके स्ट्रगल को कम कर रहे है ।
मैं ख़ुद एक सिंगिंग रियलीटी शो का हिस्सा रही हूं । उस वक़्त मुझे प्रॉपर गाइड करने वाला कोई नहीं था, मुझे याद है कि मैं इतनी नरवस थी कि मैंने बेहूदा गाना गाया था किंतु आज के कंटेस्टंट के पास कॉन्फ़िडेन्स है, उन्हें प्रॉपर गाइडेन्स मिल रही है ,स्टेज पर लाइव पर्फ़ॉर्म करने से पहले उन्हें सब बारीकियाँ सीखा दी जाती है ,उनकी गायकी भी बहुत अच्छी है ।
स्ट्रगल
मेरे स्ट्रगल में मेरे पेरेन्ट्स का बहुत बड़ा सपोर्ट रहा है। वो दुनिया के कूलेस्ट पेरेन्ट्स है। पालना-पोसना, बड़ा करना, ये तो सभी के मां बाबा करते है। लेकिन, मुझे मेरे पेरेन्ट्स से वो करने दिया जो मेरे मन में होता था। मैं यहाँ इस इंडस्ट्री में ऐक्टिंग करने आइ थी। मैंने दो साल फ़िल्मों में लगाए। नागेश सर के साथ लक्ष्मी फिल्म किया था। मेरी एक फिल्म “मैंगो ” तो रिलीज़ ही नहीं हुई I मैं चाहती हूं कि आप लोग मुझे और ऐक्टिंग करते देखे, अभी तो सिंगिंग चल पड़ी है।
लाइव पर्फ़ॉर्मन्स
किसी भी आर्टिस्ट के लाइफ में एक लक्ष्य होता है। मेरा लक्ष्य स्टेज पर ऑडीयन्स के सामने लाइव परफॉर्म करना रहा है। स्टेज पर सीधे ऑडियन्स के सामने जाकर किसी कलाकार को जो अनुभूति होती है, जो संतोष मिलता है, जो ऑडीयन्स के साथ कनेक्ट होता है, जो उनका प्यार मिलता है उसे शब्दों में बयां करना किसी भी आर्टिस्ट के लिए और खुद मेरे लिए भी नामुमकिन है। मेरे लिए स्टेज एक एसी जगह हैं जहाँ जाकर आप कितने भी बीमार हो या मरने वाले भी हों, तो ठीक हो जाते है।
मेरे सपनों की दुनिया
मेरे तो बहुत सारे सपने हैं। मैं बहुत कुछ करना चाहती हूँ। हॉलीवुड से लेकर यहाँ तक, मैं सब जगह अपनी पहचान बनाना चाहती हूं। अगर मैं अपने सपनों की बात करूं तो पूरा दिन निकल जाएगा। हां, मेरा एक ड्रीम रोल है। बंगला फ़िल्म “कोनी” को मैं हिंदी में बनाना चाहती हूँ और उस में ऐक्टिंग भी करना चाहती हूँ ।
सोच की दीवार
मेरा मानना है कि हमारे समाज में तो सोच की दीवार उठाना बहुत जरूरी है। हमारे यहां जो छोटी-छोटी चीज़ों में लोगों की संकीर्णता दिखती है, उसके लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। हम सब, हमारा घर परिवार, हमारा देश, हमारा इंफ़्रास्ट्रक्चर सभी रेस्पिंसबल है ।
रिलेशनशिप
मैं दिल से रोमांटिक इंसान हूं, एक पारंपरिक बंगाली परिवार से हूँ तो सभी चाहते है कि शादी करूँ। लेकिन फिलहाल मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है। मेरे लिए शादी बस एक पेपर पर सिग्नेचर भर है, अगर आप किसी को चाहते है तो उसके साथ रह सकते है। मैंने अपनी सिस्टर और पेरेन्ट्स की शादी को सफल होते हुए देखा है, लेकिन एसे कपल भी देखे है जो शादीशुदा नहीं होकर भी एक दूसरे के लिए कुछ भी करने को तैयार है ।
