Bharti Singh: अपने बारे में न सोच पूरे परिवार का ख्याल रखना, भले ही खुद भूखी हो पर अन्य सदस्यों के खाने के बारे में पहले सोचना, सबकी खुशियों के लिए अपनी खुशियों का बलिदान करना, दिन रात परिवार की भलाई के बारे में सोचना। मां कुछ ऐसी ही तो होती है। टीवी इंडस्ट्री की लाफ्टर क्वीन भारती सिंह को खुद ममता का अहसास भले ही बेटे को जन्म देने के बाद हुआ हो लेकिन उन्होंने कम उम्र से ही माँ की तरह परिवार को संभालने की जिम्मेदारी को बखूबी समझा है। बचपन के बुरे हालातों से लेकर करियर को ऊंचाइयों तक पहुंचने वाली भारती ने हर जिम्मेदारी को मुस्कराते हुए पूरा किया है। एक जिम्मेदार बेटी अब एक नन्हे बेटे की माँ बन चुकी हैं आइए जानते हैं उनके जानते हैं उनके मां जैसे जिम्मेदार होने से खुद मां बनने के सफर के बारे में
कूपन के पैसे बचाकर घर लाती थी फल
भारती के पिता के देहांत के बाद उनके घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई थी। वे तब दो वर्ष की ही थीं। उनकी माँ ने परिवार की जिम्मेदारी उठाई। उनके ऊपर बहुत कर्ज था। भारती ने नेशनल लेवल पर शूटिंग में हिस्सा लिया हुआ है। वे जब शूटिंग सीखने के लिए जाती थी तो सरकार की तरफ से उन्हें प्रतिदिन ₹15 के कूपन दिए जाते थे। इन कूपन से उन्हें जूस पीना होता था। वे हर दिन सिर्फ ₹5 यानि एक गिलास ही जूस पीती थीं और बाकी कूपन से महीने के अंत में फल खरीद कर घर ले जाती थी। एथलीट्स के लिए खानपान बहुत ज़रूरी होता है। फिर भी वे खुद के बारे में न सोच परिवार के लिए कूपन बचाकर रखती थीं।

माँ अस्पताल में थीं फिर भी किया परफॉर्म
‘द लाफ्टर चैलंज’ से इंडस्ट्री में कदम रखने वाली भारती ने अपने शुरुआती दिनों में ही ऐसे मुश्किल समय का सामना किया जिसके बारे में सोचकर वे आज भी सिहर जाती हैं। लाफ्टर चैलेंज में स्टैंडअप कॉमेडियन कि कंटेस्टेंट के रूप में वे सेमी फाइनल तक पहुँच चुकी थीं। उसी दौरान उनकी माँ की तबियत खराब हो गई और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। माँ सिर्फ उनके सपनों के लिए अमृतसर छोड़ मुंबई उनके साथ आई थी। उस समय माँ की ऐसी हालत देख भारती पूरी तरह टूट चुकी थीं। हर पल हसती मुस्कुराती दिखने वाली भारती के लिए वो बहुत कठिन समय था। माँ को अस्पताल में छोड़ दूसरों को हँसाने के लिए उन्हें परफॉर्म करना पड़ा। माँ को खोने के डर के साथ परफॉर्म करना मुश्किल था लेकिन इसके लिए हिम्मत भी माँ ने ही दी थी। उन्होंने भारती को करिअर के बारे में सोचकर बेस्ट परफॉर्मेंस देने की सलाह दी।

प्रेगनेंसी की खबर से डिलीवरी तक किये खास लम्हे रिकॉर्ड
पिछले छह महीने से जब भी प्रेगनेंसी टेस्ट करती हूँ ऐसे रिकॉर्डिंग करते हुए करती हूँ जिससे गोल्डन मूवमेंट कैप्चर कर सकूँ। ऐसा शायद ही कोई करता हो लकिन वे सबसे अलग ही हैं भारती प्रेगनेंसी न्यूज के एक्साइटमेंट को सहेजकर रखना चाहती थीं। प्रंगनेंसी किट पर न्यूज कंर्फम होते ही सब भूलकर उसे वे चूमने लगती हैं फिर याद आते ही अपना मुंह साफ करने लगती हैं। इस वीडियो को अपने यूट्यूब चैनल पर शेअर करने के बाद से उन्होंने प्रेग्नेंसी के दौरान कई वीडियो शेयर किए। पूरी प्रेगनेंसी के दौरान काम करते रहने के साथ उन्होंने नॉर्मल डिलीवरी के लिए किए जाने वाले योगा और एक्सरसाइज भी की।
अपनी हर जिम्मेदारी को हंसते हंसते पूरा करने वाली भारती अब बच्चे की जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। उन्होंने एक पोस्ट किया है कि लोग कहते थे बच्चे के आने के पहले एंजॉय कर लो बाद में नहीं कर पाओगे। मैं सबको बताना चाहती हूं कि अब ज्यादा मजा आ रहा है।
