death interesting facts

Death Interesting Facts: मृत्यु, धरती पर आए सभी जीवों के जीवन का अटल सत्य है। मोक्ष की प्राप्ति नहीं होने के कारण धरती पर आत्मा का एक शरीर से दूसरे शरीर में जाने का चक्र निरंतर चलता रहता है। श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि आत्मा अजर- अमर है और शरीर नश्वर है। परिजन मृतक के नश्वर शरीर के लिए रोते है। मृत्यु के बाद व्यक्ति की आत्मा के मोक्ष और शांति के लिए व्यक्ति के शव का दाह संस्कार करके उसे पंचतत्वों में विलीन किया जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके मृत शरीर का तुरंत दाह-संस्कार नहीं किया जाता और ना ही उसके मृत शरीर को अकेला छोड़ा जाता है। आज इस लेख के माध्यम से हम इसके पीछे के धार्मिक और वैज्ञानिक कारणों को जानेंगे।

इस कारण नहीं किया जाता तुरंत दाह संस्कार

death interesting facts

पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि गरुड़ पुराण में जन्म-मरण के चक्र से जुड़ी हुई कई महत्त्वपूर्ण बातों का उल्लेख मिलता है। मृत्य के बाद व्यक्ति के कर्मों के आधार पर उसे स्वर्ग या नरक मिलता है। इसलिए परिजन, मृतक की आत्मा की शांति के लिए और आत्मा को स्वर्ग में भेजने के लिए 12 से 13 दिन तक कई तरह की रस्में निभाते हैं जिनमें समय लगता है। शाम के समय किसी की मृत्यु होने पर उसका दाह संस्कार अगले दिन किया जाता है। क्योंकि सूर्यास्त के बाद और रात के समय दाह संस्कार करने से व्यक्ति की आत्मा अगले जन्म में राक्षस प्रवृति के कार्य करती है और पंचक काल में दाह संस्कार करने से परिजनों पर किसी खतरे की आशंका बनी रहती है। मृतक के दूर रहने वाले करीबी रिश्तेदारों का भी इंतजार किया जाता है, ताकि वे अपने प्रियजन के अंतिम दर्शन कर सकें। विज्ञान के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके शरीर से पूरी तरह प्राण निकलने में समय लगता है। इसीलिए मृत्यु के बाद शव का तुरंत दाह-संस्कार नहीं किया जाता।

शास्त्रों में शव को अकेले छोड़ने की मनाही

death interesting facts

गरुड़ पुराण में वर्णन है कि अंतिम संस्कार से पहले शव को अकेले नहीं रखना चाहिए। मृत शरीर में कोई हलचल नहीं होती जिसके कारण कई तरह के कीड़े मकोड़े शव को भोजन समझ कर खा सकते है। शव को अकेले छोड़ देने से कोई हिंसक पशु-पक्षी या कोई जानवर शव को नोच कर खा सकता है। जिसके कारण व्यक्ति का अंतिम संस्कार नहीं हो पाता और उसकी आत्मा धरती पर भटकती रहती है। अकेले रखे शव में बुरी आत्माएं और भूत प्रेत भी प्रवेश कर परिजनों को परेशान कर सकते है। मृत शरीर पर कीट पतंगे रेंगने लगते है। इसलिए शव के पास किसी दूसरे व्यक्ति का रहना जरूरी है ताकि शव का दाह-संस्कार अच्छे से किया जा सके।

यह भी पढ़ें: सुबह उठते ही दंपति को करने चाहिए अपनी हथेली के दर्शन, होते हैं अनेक लाभ: Hand Vastu

Leave a comment