‘सुबह से ही इतनी तेज बारिश हो रही है, लगता नहीं कि आज धूप खुलेगी दीदी’ खिड़की के पर्दे को पीछे खिसकाते हुए रजनी ने प्रियवंदा से कहा। प्रियवंदा एक सम्राट परिवार की कुशल बहू तथा गृहणी है। रजनी प्रियवंदा के घरेलू कामकाज में हाथ बटाती है। ‘हम्म सही कह रही है रजनी’ -कहते हुए […]
