Hindi Kahani: लखनऊ की जुलाई में कुछ ख़ास बात होती है। इस बार मैं मायके लौटी तो बस पुरानी यादों को टटोलने—notebooks, कागज़, कुछ टूटी राखियाँ, और एक हल्की सी खुशबू। मैंने धीरे-धीरे एक पुरानी अलमारी खोली। किताबों, बिल्लियों, और चिट्ठियों से भरी वो अलमारी जैसे मेरे भीतर के किसी कोने को खोल रही थी। […]
