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तुम जीना अपने लिए-गृहलक्ष्मी की कविता

Hindi Poem: सांत्वनाएँ सभी देंगेमगर तुम्हारे संघर्ष मे तुम्हारा साथ कोई नहीं देगासब कहेंगे कि तुम बहुत सबल होमगर तुम्हारे टूटे  मन की व्यथा कोई नहीं सुनेगातुम्हारी हर मुस्कान पर सवाल उठेंगेमगर जो आँसू जब्त किये है तुमने भीतर ही उनका हिसाब कोई नहीं पूछेगातुम हर दिन  बिखरोगीमगर कोई तुम्हें नहीं समेटेगामगर फिर भी जीना […]

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