Hindi Kahani: हमारी सोसाइटी में अक्सर एका और खोमचे वाला आया करता था, कई सालों से आ रहा था तो बच्चे,जवान, बूढ़े सब उसे बखूबी जानते थे। वो रोज शाम आता और सोसाइटी पार्क के पास एक तरफ़ खड़ा होकर गोल गप्पे, दही भल्ले, टिक्की बेचा करता था। चूंकि सब उससे भलि भांति परिचित थे […]
Author Archives: निधि मानवी
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माँ-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Short Story in Hindi: मांँ शब्द जुबान पर आते ही, बचपन आंँखों में तैर जाता है। बचपन ही क्यूंँ, हर कदम पर बच्चों को मांँ की जरूरत पड़ती है। मांँ तो वो अनमोल सौगात है अपने बच्चों के लिए जिसका कोई सानी नहीं। मांँ बच्चों के सिर पर वो लाड़ भरा हाथ है जिसके रहते […]
