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बेटी ही रहने दो-गृहलक्ष्मी की कहानियां

  Hindi Kahani: फोन का रिसीवर रखने के बाद रजनी के मन में अपनी बिटिया रंजीता के आखिरी शब्द बहुत देर तक गूँजते रहे…‘बेटी को बेटी ही रहने दो, उसे बेटा मत बनाओ…’ रजनी अवाक रह गयी और गहराई से सोचने लगी कि उससे चूक कहाँ हुई। इतना आक्रोश कैसे भर गया उसकी बेटी के मन में। यहाँ तक कि इस आक्रोश का […]

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