“हां ताजा नाम था उसका?” “ताजा।” वो बहुत ही सुन्दर थी। सेबों की तरह अंगारों से लाल गाल। आँखें कटोरे जितनी। नाक बर्फी की तरह तीखी और होंठ जैसे पत्तियाँ गुलाब की। पतला और गठीला शरीर। सिर्फ बारह-तेरह बरस की होगी वो जब ब्याह करके आई थी। उसको देखकर सारे गाँव वाले कहते, “पता नहीं […]
