A small four-legged robot walking on a paved path outdoors.
This robot has four legs and arms to do different works

Summary: भारत ने रोबोटिक्स में बढ़ाया कदम, खतरनाक इलाकों के लिए आया चौपाया रोबोट SCORP

SCORP नाम का स्वदेशी चौपाया रोबोट खतरनाक और जोखिमभरे इलाकों में इंसानों की जगह काम करने के लिए विकसित किया गया है।

SCORP Robot India: रोबोटिक्स के क्षेत्र में भारत अब सिर्फ प्रयोग करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक विकसित करने वालों की कतार में भी शामिल हो चुका है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए xTerra रोबोटिक्स नाम की भारतीय कंपनी ने SCORP नाम का एक उन्नत चौपाया रोबोट पेश किया है। इसे तकनीकी भाषा में लेग्ड मोबाइल मैनिपुलेटर रोबोट कहा जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रोबोट के विकास में आईआईटी कानपुर की तकनीकी विशेषज्ञता और शोध का अहम योगदान रहा है।

SCORP को खासतौर पर उन परिस्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है, जहां इंसानों का जाना बेहद जोखिमभरा या जानलेवा हो सकता है। यह रोबोट ऐसे इलाकों में काम कर सकता है, जहां सामान्य मशीनें या पहिए वाले रोबोट असफल साबित होते हैं।

उबड़-खाबड़ रास्तों में भी बेहतरीन संतुलन

आमतौर पर रोबोट्स की सबसे बड़ी सीमा यह होती है कि वे सीढ़ियों, मलबे, पथरीले रास्तों या आपदा-प्रभावित इलाकों में ठीक से मूव नहीं कर पाते। लेकिन SCORP इस समस्या का समाधान बनकर सामने आया है। इसके चार मजबूत पैर इसे हर तरह की सतह पर स्थिरता के साथ चलने में सक्षम बनाते हैं।

SCORP में एक एडवांस इंटेलिजेंट गेट एल्गोरिदम दिया गया है, जिसकी मदद से यह रोबोट चलते समय अपने संतुलन को लगातार एडजस्ट करता रहता है। यही तकनीक इसे ढलान, संकरी जगहों और असमान सतहों पर भी बिना गिरे काम करने लायक बनाती है।

This robot can move on any place
This robot can move on any place

रोबोटिक हाथ से करता है असली काम

SCORP की सबसे बड़ी खासियत इसका रोबोटिक आर्म है। यह सिर्फ निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने हाथ की मदद से कई तरह के जटिल काम कर सकता है। यह औजार पकड़ सकता है, उपकरणों की जांच कर सकता है, संदिग्ध या खतरनाक वस्तुओं को सुरक्षित तरीके से संभाल सकता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकता है।

इसका सीधा फायदा यह है कि इंसानों को खतरनाक माहौल में जाकर काम करने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे जान-माल के नुकसान की संभावना काफी कम हो जाती है।

सेंसर और कैमरों से लैस स्मार्ट रोबोट

SCORP में कई हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे, स्टेरियो डेप्थ सेंसर और अन्य आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं। ये सेंसर रोबोट को अपने आसपास के वातावरण को समझने में मदद करते हैं। इसकी सहायता से यह मशीनों, पाइपलाइनों, इमारतों या औद्योगिक ढांचों में किसी तरह की क्षति का बेहद सटीक आकलन कर सकता है।

यह तकनीक औद्योगिक निरीक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग और मेंटेनेंस के कामों में बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

इंडस्ट्रियल साइट्स से आपदा प्रबंधन तक उपयोग

SCORP को खासतौर पर इंडस्ट्रियल प्लांट्स, सुरंगों, रिफाइनरियों, पावर प्लांट्स और आपदा-प्रभावित क्षेत्रों के लिए डिजाइन किया गया है। इसके अलावा इसका उपयोग खतरनाक इलाकों की निगरानी, वाहनों की जांच, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में कचरा प्रबंधन और फायर सेफ्टी जैसे क्षेत्रों में भी किया जा सकता है।

xTerra रोबोटिक्स के अनुसार, SCORP केवल देखने वाला रोबोट नहीं है, बल्कि यह अपने आसपास के माहौल से सक्रिय रूप से इंटरैक्ट करता है और निर्णय लेने की क्षमता भी रखता है।






अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...