Heal your doubts, save your relationship
A trusting heart builds stronger bonds

Summary: जहां भरोसा है, वहां सुकून है

बार-बार शक करना रिश्ते में प्यार से ज्यादा दूरी पैदा करता है। सही संवाद, आत्ममंथन और भरोसे को प्राथमिकता देकर रिश्ते को फिर से मजबूत बनाया जा सकता है।

Love or Distrust in Relationship: रिश्ते विश्वास की नींव पर टिके होते हैं। लेकिन जब बार-बार शक किया जाए, सवालों की लगातार बौछार सी होने लगे और हर बात पर संदेह जताया जाए, तो यही भरोसा धीरे-धीरे टूटने लगता है। कई बार हमें एहसास भी नहीं होता कि हमारी आदतें हमारे ही रिश्ते को कमजोर कर रही हैं। अगर आपके साथी का भरोसा कम हो रहा है, तो समय रहते खुद की आदतों पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है। रिश्ते में प्यार के साथ भरोसा भी उतना ही जरूरी है। शक की आदत अगर समय रहते न सुधारी जाए, तो वह सबसे मजबूत रिश्ते को भी कमजोर कर सकती है। खुद पर काम करके, आपसी बातचीत से रिश्ते को बेहतर बनाकर और विश्वास को प्राथमिकता

देकर आप न सिर्फ अपने रिश्ते को बचा सकते हैं, बल्कि उसे पहले से ज्यादा मजबूत भी बना सकते हैं।

Love or Distrust in Relationship-Doubt weakens what love builds
Love needs space to breathe

शक अक्सर असुरक्षा, पुराने अनुभवों या आत्मविश्वास की कमी से जन्म लेता है। किसी पुराने रिश्ते में मिला धोखा, बचपन की भावनात्मक अस्थिरता या खुद को कमतर समझने की भावना हो, अक्सर ये सभी कारण शक को जन्म देते हैं। जरूरी है कि आप समझें कि समस्या आपके अंदर है, न कि हर बार सामने वाले में।

कई लोग मानते हैं कि बार-बार पूछना या परखना प्यार की निशानी है। लेकिन असल में लगातार सवाल, फोन चेक करना या हर बार देर होने पर सफाई मांगना सामने वाले को घुटन में डाल देता है। इससे आपके साथी को लगता है कि आप उस पर भरोसा नहीं करते, और यही भावना रिश्ते में दूरी बढ़ाती है।

अगर आपको बार-बार शक होता है, तो उसकी जिम्मेदारी अपने साथी पर न डालें। स्वीकार करें कि यह आपकी भावना है और आपको ही इस पर काम करना होगा। अपने डर, असुरक्षा और गुस्से को पहचानें। जरूरत पड़े तो डायरी लिखें या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें।

जब शक हावी हो जाता है, तो बातचीत खत्म होने लगती है। आपका साथी अपनी बातें छुपाने लगता है, क्योंकि उसे लगता है कि हर बात पर बहस होगी। धीरे-धीरे भावनात्मक जुड़ाव कमजोर होता है, प्यार की जगह तनाव ले लेता है और रिश्ता बोझ सा महसूस होने लगता है।

Love isn’t about checking, it’s about believing
Trust is built slowly, protect it

शक को दबाने की बजाय उसे सही तरीके से व्यक्त करना सीखें। आरोप लगाने से बचें।इस तरह के शब्द रिश्ते को और बिगाड़ते हैं। इसकी जगह अपनी भावनाओं को ठीक तरह से साझा करें। इससे आपका साथी आपकी बात समझ पाएगा और आपकी बातचीत सकारात्मक दिशा में जाएगी।

भरोसा एक दिन में नहीं बनता। अपने साथी को स्पेस दें, उसकी बातों पर यकीन करने की कोशिश करें और हर बार सबूत मांगने की आदत छोड़ें। जब आप बिना शर्त भरोसा दिखाते हैं, तो सामने वाला भी खुद को साबित करने के लिए ज्यादा ईमानदार और खुला हुआ महसूस करता है।

अगर शक की आदत आपके नियंत्रण से बाहर हो रही है और रिश्ता लगातार प्रभावित हो रहा है, तो काउंसलर या थेरेपिस्ट की मदद लेना ही सबसे बड़ी समझदारी है। प्रोफेशनल मार्गदर्शन आपको अपनी भावनाओं को समझने और सही दिशा में बदलने में मदद कर सकता है।

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...