Overview:शूटिंग के दौरान सौम्या टंडन एक सीन के बाद इतनी घबरा गईं कि वह देर तक खुद को संभाल नहीं पाईं
फिल्म धुरंधर की शूटिंग के दौरान अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने वाला सीन सौम्या टंडन के लिए बेहद डरावना और भावनात्मक अनुभव रहा। सीन खत्म होने के बाद वह काफी घबरा गई थीं, लेकिन अक्षय खन्ना और टीम के सपोर्ट से उन्होंने खुद को संभाला। यह किस्सा साबित करता है कि दमदार सीन के पीछे कलाकारों की भावनात्मक मेहनत और मानसिक संघर्ष भी छिपा होता है
Soumya Tandon on Slapping Akshaye Khanna: बॉलीवुड फिल्मों में कई बार ऐसे सीन होते हैं जो पर्दे पर जितने दमदार लगते हैं, असल जिंदगी में कलाकारों के लिए उतने ही मुश्किल होते हैं। हाल ही में फिल्म धुरंधर की शूटिंग से जुड़ा एक किस्सा सामने आया है, जिसमें सौम्या टंडन को अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने वाले सीन के बाद काफी डर और बेचैनी महसूस हुई। यह अनुभव उनके लिए भावनात्मक रूप से आसान नहीं था।
धुरंधर का वह सीन जिसने बढ़ा दी धड़कन
फिल्म धुरंधर में सौम्या टंडन और अक्षय खन्ना के बीच एक बेहद तीखा और इमोशनल सीन है, जिसमें सौम्या को उन्हें थप्पड़ मारना था। सीन की डिमांड इतनी रियल थी कि शूटिंग के दौरान माहौल काफी गंभीर हो गया। कैमरे के सामने सब कुछ परफेक्ट रहा, लेकिन कट कहते ही सौम्या के चेहरे पर डर साफ नजर आने लगा।
अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने का डर
सौम्या टंडन ने माना कि अक्षय खन्ना जैसे सीनियर और दमदार अभिनेता को थप्पड़ मारना उनके लिए आसान नहीं था। उन्हें डर था कि कहीं उनसे ज्यादा जोर न लग जाए या सामने वाले कलाकार को बुरा न लग जाए। सीन खत्म होते ही वह खुद को लेकर असहज महसूस करने लगीं।
सीन के बाद कांपने लगीं सौम्या
शूटिंग पूरी होने के बाद सौम्या टंडन कुछ देर तक नॉर्मल नहीं हो पाईं। उन्होंने बताया कि उनका दिल तेज़ी से धड़क रहा था और हाथ कांप रहे थे। यह डर सीन की गंभीरता और उस पल के इमोशन की वजह से था, जो कैमरे के साथ-साथ उनके भीतर भी उतर गया था।
अक्षय खन्ना का रिएक्शन
इस पूरे वाकये में अक्षय खन्ना का रवैया काफी प्रोफेशनल और शांत रहा। उन्होंने सौम्या को तुरंत भरोसा दिलाया कि सीन शानदार था और उन्हें किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनकी इस समझदारी और सपोर्ट से सौम्या को काफी राहत मिली।
डायरेक्टर ने कैसे संभाली स्थिति
डायरेक्टर ने भी सीन के बाद शूट रोककर सौम्या को समय दिया ताकि वह खुद को संभाल सकें। सेट पर मौजूद टीम ने माहौल हल्का किया और यह सुनिश्चित किया कि कलाकार मानसिक रूप से सहज महसूस करें। इससे साफ होता है कि पर्दे के पीछे भी कलाकारों की भावनाओं का पूरा ख्याल रखा जाता है।
सौम्या के करियर का यादगार अनुभव
सौम्या टंडन के लिए यह सीन उनके करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक बन गया। उन्होंने कहा कि यह डर जरूर था, लेकिन इसी तरह के सीन एक कलाकार को मजबूत भी बनाते हैं और अभिनय की नई गहराइयों तक ले जाते हैं।
