Overview:जैस्मिन भसीन संग पूजा के वक्त सामने आई अली गोनी की खामोशी पर उठे सवाल
अली गोनी और जैस्मिन भसीन का गणेश पूजा वाला वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया था। अली की खामोशी पर उठे सवालों का उन्होंने खुद जवाब दिया और साफ किया कि उनकी धार्मिक मान्यताएं उन्हें मंत्र बोलने की अनुमति नहीं देतीं। जैस्मिन ने भी उनका साथ देते हुए आस्था की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का समर्थन किया।
Aly Goni Breaks Silence: गणेशोत्सव का मौका हो और ‘गणपति बप्पा मोरया’ की गूंज न सुनाई दे, यह किसी को अजीब लग सकता है। हाल ही में एक वीडियो सामने आया जिसमें जैस्मिन भसीन पूरे जोश से मंत्रोच्चार करती नजर आईं, लेकिन उनके बगल में खड़े अली गोनी चुप रहे। इस खामोशी पर फैंस ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। आखिरकार अली ने खुद खुलकर इस पर सफाई दी और बताया कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।
वीडियो के वायरल होने से शुरू हुआ विवाद
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए इस वीडियो में दोनों सितारे गणेश जी की आराधना में शामिल दिखे। जैस्मिन ने पूरे दिल से ‘गणपति बप्पा मोरया’ बोला, लेकिन अली की चुप्पी लोगों को खटक गई।
फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रिया
कुछ लोगों ने इसे उनकी धार्मिक भावनाओं से जोड़ा, तो कुछ ने कहा कि शायद वे अपनी आस्था के चलते ऐसा नहीं बोले। कई लोगों ने तो अली से सीधे-सीधे जवाब मांग लिया।
अली गोनी ने तोड़ी चुप्पी
लगातार सवालों के बाद अली ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें मंत्रोच्चार करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने साफ किया कि यह उनके धर्म और परिवार की परंपरा से जुड़ा मामला है।
अपनी आस्था को लेकर अडिग अली
अली ने बताया कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन अपनी आस्था और संस्कारों के साथ कोई समझौता नहीं कर सकते। उनका कहना था कि यही कारण है कि वे सिर्फ पूजा में शामिल हुए, लेकिन मंत्रोच्चार नहीं किया।
जैस्मिन का साथ और समर्थन
पूरे मामले में जैस्मिन भसीन ने अली का पूरा साथ दिया। उन्होंने कहा कि आस्था हर किसी की व्यक्तिगत पसंद है और किसी को भी इसके लिए जज नहीं किया जाना चाहिए।
फैन्स को दिया सम्मानजनक जवाब
अली ने फैन्स से भी अपील की कि वे इस मामले को गलत नजर से न देखें। उन्होंने कहा कि उनकी चुप्पी का मतलब असम्मान नहीं बल्कि अपनी मान्यताओं का पालन करना था।
सोशल मीडिया पर शांत हुआ मामला
अली की सफाई के बाद फैंस ने भी उन्हें समझा और मामले ने तूल पकड़ने की बजाय शांति पा ली। लोगों ने उनकी ईमानदारी की तारीफ की और जैस्मिन के सपोर्ट को भी सराहा।
