Summary: "बुरहानपुर का काला ताजमहल: प्रेम और यादों की अनमोल निशानी"
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में स्थित काला ताजमहल, शाहनवाज खान और उनकी पत्नी की याद में 1622-1623 में काले पत्थरों से बना मकबरा है। इसकी बनावट आगरा के ताजमहल जैसी है और कहा जाता है कि इसे देखकर ही शाहजहां ने सफेद ताजमहल बनाने की प्रेरणा ली।
Taj Mahal of MP: जब भी ‘ताजमहल’ का नाम आता है, तो सबसे पहले आगरा का सफेद संगमरमर वाला ताजमहल ज़ेहन में आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में भी एक ताजमहल है? इसे ‘काला ताजमहल’ कहा जाता है और इसकी कहानी उतनी ही रोचक है जितनी आगरा के ताजमहल की।
आगरा के ताजमहल से पहले बना था ये शाहकार
बुरहानपुर का काला ताजमहल आगरा के मशहूर ताजमहल से भी पहले बना था। कहा जाता है कि इस इमारत को देखकर ही मुगल सम्राट शाहजहां को सफेद ताजमहल बनाने का विचार आया। उतावली नदी के किनारे स्थित यह स्मारक 1622-1623 के बीच तैयार हुआ था और इसका निर्माण काले पत्थरों से किया गया था।
किसकी याद में बना था काला ताजमहल?

काला ताजमहल वास्तव में शाहनवाज खान का मकबरा है। शाहनवाज खान, मुगल बादशाह जहांगीर के सेनापति और अब्दुल रहीम खानखाना के बड़े पुत्र थे। उनकी परवरिश बुरहानपुर में हुई और वे अपनी बहादुरी के लिए मशहूर थे। लेकिन 44 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया और उन्हें उतावली नदी के किनारे दफनाया गया।
कुछ समय बाद उनकी पत्नी का भी देहांत हो गया और उन्हें भी यहीं दफनाया गया। अपने पति की याद में शाहनवाज खान की पत्नी ने इस खूबसूरत इमारत का निर्माण करवाया, जिसे आज हम काले ताजमहल के नाम से जानते हैं।
अनोखी वास्तुकला और बेहतरीन नक्काशी
काला ताजमहल की बनावट आगरा के ताजमहल जैसी ही है, लेकिन इसकी खासियत है, काले पत्थरों का इस्तेमाल। मुख्य मकबरे के चारों ओर खूबसूरत बाग और फव्वारे बने हैं। इसके गुंबद को ईंट और चूने से बनाया गया है, जबकि दीवारों पर बेहद बारीक नक्काशी की गई है, जो ईरानी कला का बेहतरीन नमूना है।
शाहजहां के ताजमहल का ‘मॉडल’
इतिहासकार बताते हैं कि जब आगरा में ताजमहल का निर्माण शुरू हुआ, तब शाहजहां ने बुरहानपुर के काले ताजमहल को एक ‘मॉडल’ के तौर पर देखा। इसकी डिज़ाइन के कई तत्वों को आगरा के ताजमहल में भी शामिल किया गया।

दिलचस्प बात ये है कि मुमताज महल का देहांत भी बुरहानपुर में हुआ था और उनके पार्थिव शरीर को यहां ताप्ती नदी के किनारे आहूखाने में छह महीने तक रखा गया था। बाद में, आगरा का ताजमहल तैयार होने पर उन्हें वहां दफनाया गया।
ऐतिहासिक शहर बुरहानपुर की शान
बुरहानपुर, मुगल काल में एक अहम शहर था और यहां कई ऐतिहासिक इमारतें और मकबरे बने। काला ताजमहल उनमें से एक अनमोल धरोहर है। यह न सिर्फ अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है, बल्कि इसके पीछे की प्रेम और यादों से जुड़ी कहानी भी इसे खास बनाती है।
पर्यटकों का पसंदीदा स्थल
जिस तरह आगरा का ताजमहल पर्यटकों को आकर्षित करता है, उसी तरह काला ताजमहल भी लोगों को अपनी ओर खींचता है। देश-विदेश से लोग यहां आते हैं और इसकी बारीक नक्काशी, ऐतिहासिक महत्व और मुगलकालीन वास्तुकला का नजारा देखते हैं।
मकबरे के अंदर दो कब्रें हैं। एक शाहनवाज खान की और दूसरी उनकी पत्नी की। ये नज़ारा आगरा के ताजमहल की याद दिलाता है, जहां मुमताज और शाहजहां की कब्रें एक साथ बनी हुई हैं।
