Pindari Glacier Trek
Pindari Glacier Trek

Pindari Glacier Trek: हिमालय में स्थित उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है। यह एक ऐसी भूमि है जहाँ पर प्रकृति अपनी सबसे सुंदर और शांत रूप में दिखाई देती है। यहाँ की पहाड़ियाँ, नदियाँ, घाटियाँ और बर्फ से ढके ग्लेशियर हर प्रकृति प्रेमी को अपनी ओर खींचते हैं। इन्हीं में से एक है पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक जो न सिर्फ साहसिक यात्रा का अनुभव देता है बल्कि आत्मा को भी तरोताज़ा कर देता है, जिसकी वजह से लोग इस जगह को ट्रेक करना पसंद करते हैं। 

Pindari Glacier Trek
A miracle of nature

पिंडारी ग्लेशियर उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में बागेश्वर जिले में स्थित है। यह ग्लेशियर नंदा देवी और नंदा कोट पर्वतों के बीच फैला हुआ है और इससे निकलने वाली पिंडारी नदी आगे जाकर अलकनंदा में मिल जाती है। पिंडारी ग्लेशियर तक पहुँचने के लिए ट्रेक करना पड़ता है जो कि लगभग 45 किलोमीटर का है। यह ट्रेक लम्बा होते हुए भी बहुत ही ख़ास है, हर कदम पर बदलता दृश्य और हिमालयी शांति अपनी तरफ आकर्षित करती है।

Khunti Village
From Loharkhet to Khunti Village

पिंडारी ट्रेक की शुरुआत लोहाारखेत नामक स्थान से होती है जो बागेश्वर से करीब 20 किलोमीटर दूर है। यहाँ से ट्रेक शुरू होकर खूंटी गांव, धाकुड़ी, खाती, द्वाली और फिर पिंडारी बेस कैंप तक जाता है। रास्ते में घने जंगल, बहती नदियाँ, झरने और बर्फ से ढके पहाड़ दिखाई देते हैं जो हर कदम पर आपके थकान को मिटा देते हैं। खाती गाँव इस ट्रेक का आखिरी बसेरा है जहाँ से आगे सिर्फ ट्रेकिंग होती है। 

Natural experiences
Natural experiences and challenges

यह ट्रेक मध्यम स्तर का माना जाता है, यानी यह न तो बहुत आसान है, न बहुत कठिन। ट्रेकिंग के दौरान मौसम कभी भी बदल सकता है। एक पल धूप तो अगले पल बारिश या बर्फ। लेकिन यही अनिश्चितता इस यात्रा को और रोमांचक बनाती है। द्वाली और फुरकिया जैसे पड़ावों पर कैंप लगाकर रात बिताना अपने आप में एक अनोखा अनुभव होता है। चारों ओर बर्फ से ढकी चोटियाँ, तारों भरा आसमान और ठंडी हवा। यह वह अनुभव है जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। जब आप पिंडारी ग्लेशियर के दर्शन करते हैं तो मन श्रद्धा से भर जाता है। 

पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक के लिए सबसे अच्छा समय मई से जून और सितंबर से अक्टूबर होता है। बरसात में रास्ते खतरनाक हो सकते हैं और सर्दियों में बर्फबारी के कारण मार्ग बंद हो जाता है। यात्रा के दौरान हल्के लेकिन गर्म कपड़े, अच्छी क्वालिटी के ट्रेकिंग शूज़, रेनकोट, टॉर्च, पावर बैंक और जरूरी दवाइयाँ साथ रखें। साथ ही, अपने साथ कुछ सूखे नाश्ते और पानी की बोतल भी ले जाना न भूलें।

अगर आप एक ऐसा ट्रेक करना चाहते हैं जो न केवल आपको शारीरिक रूप से चुनौती दे बल्कि आपकी आत्मा को भी नया ऊर्जा दे तो पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक आपके लिए परफेक्ट है। यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें रोमांच, शांति और प्रकृति की गोद में बिताया गया हर पल जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में शामिल हो जाता है। उत्तराखंड का यह ग्लेशियर ट्रेक आपके दिल को छू लेगा और हमेशा के लिए आपके अनुभवों का हिस्सा बन जाएगा।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...