Overview: मार्च का महीना जैसलमेर की खूबसूरती को देखने के लिए सबसे बेहतरीन समय
मार्च में जैसलमेर का मौसम न ज्यादा गर्म होता है और न ही ठंडा, जिससे यहां घूमना बेहद आरामदायक हो जाता है। इस दौरान जैसलमेर किला, पटवों की हवेली, गड़ीसर झील और सम सैंड ड्यून्स जैसी जगहों की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। सुनहरी रेत पर ऊंट सफारी, लोकसंगीत और पारंपरिक नृत्य पर्यटकों को अलग ही अनुभव देते हैं।
Places To Visit In Jaisalmer: राजस्थान की “स्वर्ण नगरी” के नाम से प्रसिद्ध जैसलमेर एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर है, जहाँ घूमना हमेशा एक रोमांचक अनुभव होता है। सुनहरे रेगिस्तान के बीच स्थित यह शहर अपनी अद्भुत सुंदरता के लिए दुनियाभर में मशहूर है। जहां गर्मी का मौसम कठोर हो सकता है, वहीं सर्दियों में यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन जाता है। यदि आप मार्च में जैसलमेर जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन खास जगहों पर जाना न भूलें।
पटवों की हवेली
जैसलमेर में घूमने के प्रमुख स्थानों में शुमार पटवों की हवेली एक भव्य परिसर है, जिसमें पांच छोटी लेकिन शानदार हवेलियों का समूह शामिल है। इसकी खिड़कियों और बालकनियों पर की गई बारीक नक्काशी, खूबसूरत वॉल पेंटिंग और शीशे का बेहतरीन काम इसकी भव्यता को और भी निखारता है। इस विशाल हवेली में हवादार आंगन और 60 बालकनियां हैं, जिनमें से प्रत्येक की नक्काशी अनोखी और दर्शनीय है। यहां स्थित संग्रहालय में पटवा परिवार से जुड़ी दुर्लभ कलाकृतियां और पत्थर पर की गई उत्कृष्ट कारीगरी का संग्रह भी देखा जा सकता है, जो इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाता है।
बड़ा बाग

बड़ा बाग राजस्थान के ऐतिहासिक अतीत से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थल है, जिसमें शाही परिवारों के मकबरों की एक श्रृंखला स्थित है। यह उद्यान परिसर एक छोटी पहाड़ी पर बना हुआ है, जहां पहाड़ी के तल पर मकबरों का प्रवेश द्वार है। बगीचे में कई भूरे रंग की छतरियां बनी हुई हैं, जिनके गुंबद चौकोर, गोलाकार या पिरामिड के आकार के हैं, जो इसकी स्थापत्य कला की अनूठी खूबसूरती को दर्शाते हैं। यहां घूमते हुए आप बगीचे की हरियाली का आनंद ले सकते हैं और पक्षियों को निहारते हुए इस शांतिपूर्ण जगह की सैर कर सकते हैं।
जैसलमेर का किला
थार रेगिस्तान की सुनहरी रेत पर स्थित जैसलमेर किला एक विशाल रेत महल जैसा प्रतीत होता है और राजस्थानी वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है। भारत के सबसे बड़े किलों में से एक, इस ऐतिहासिक किले में लगभग 5,000 लोग निवास करते हैं। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। पीले बलुआ पत्थर से निर्मित इस किले में प्रवेश के लिए गणेश पोल, सूरज पोल, भूत पोल और हवा पोल जैसे भव्य द्वार मौजूद हैं। किले के भीतर लक्ष्मीनाथ मंदिर, जैन मंदिर, कैनन प्वाइंट, पांच-स्तरीय महरवाल पैलेस और किला संग्रहालय जैसे कई प्रमुख आकर्षण हैं, जो इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भव्यता को दर्शाते हैं।
गड़ीसर झील
शहर के बाहरी इलाके में स्थित गडीसर झील शांति और सुकून की तलाश करने वालों के लिए एक आदर्श स्थान है। इसका इतिहास 14वीं शताब्दी से जुड़ा है, जब यह पूरे शहर के लिए पानी का मुख्य स्रोत हुआ करता था। आज, यह झील एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन चुकी है, जहां आप बोटिंग का आनंद ले सकते हैं और इसके किनारे स्थित मंदिरों के सुंदर नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं।
सैम सैंड ड्यून्स
सैम सैंड ड्यून्स देश के सबसे प्रामाणिक रेगिस्तानी स्थलों में से एक है, जहाँ सूर्योदय और सूर्यास्त के अद्भुत नज़ारे मंत्रमुग्ध कर देते हैं। यहां आप रेगिस्तान सफारी का रोमांच ले सकते हैं या ऊंट की सवारी का आनंद उठा सकते हैं। थार रेगिस्तान के बीच स्थित इस स्थान पर कई कैम्पिंग पॉइंट उपलब्ध हैं। यहां लोक नृत्य, रात में संगीत, पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन और राजस्थान की समृद्ध संस्कृति एवं विरासत से जुड़ी अन्य रोचक गतिविधियाँ देखने को मिलती हैं।
नथमल जी की हवेली
जैसलमेर में घूमने के लिए नथमल जी की हवेली एक बेहतरीन जगह है। यह शहर की सबसे भव्य और खूबसूरत हवेलियों में से एक मानी जाती है। अपनी शानदार नक्काशी, अद्भुत कला और ऐतिहासिक महत्व के कारण यह हवेली विशेष प्रसिद्ध है। 19वीं सदी में निर्मित इस हवेली की वास्तुकला और उत्कृष्ट शिल्पकारी पर्यटकों को आकर्षित करती है।
जैसलमेर युद्ध संग्रहालय
जैसलमेर युद्ध संग्रहालय राजस्थान के प्रमुख स्मारक पर्यटन स्थलों में से एक है। शहर में कई संग्रहालय और सांस्कृतिक केंद्र हैं, लेकिन यह संग्रहालय अपनी विशिष्टता के लिए खास माना जाता है। इसे भारतीय सेना के वीर सैनिकों और उनकी साहसिक गाथाओं को सम्मान देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। संग्रहालय में युद्ध स्मारक, लड़ाकू जेट, टैंक, बंदूकें और अन्य सैन्य हथियारों का विशाल संग्रह देखने को मिलता है। ये संग्रह दो विशेष कक्षों—लोंगेवाला हॉल और भारतीय सेना हॉल—में प्रदर्शित किया गया है।
