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Hindi Poem: नारी शक्ति का अवतार , नारी   शक्ति  अपरम्पार ।
जिस घर में नारी पूजित है
देवों का होता है वास ,
सुख-वैभव से भरा रहे घर
लक्ष्मी करती सदा निवास ।
दुःख-दरिद्रता मिट जाती है , उन्नति करता है परिवार ।
नारी शक्ति का अवतार , नारी   शक्ति  अपरम्पार ।
त्रिदेव जहाँ असफल होते हैं
शक्ति देतीं उनका साथ ,
देवों की ताकत बन जातीं
दे उनके हाथों में हाथ ।
पाप विमुक्त किया धरती को, असुरों का करके संहार ,
नारी शक्ति का अवतार , नारी   शक्ति  अपरम्पार ।
मोहिनी रूप में भस्मासुर का
विष्णु जी ने अंत किया ,
राहु और केतु को भी
नारी रूप में दण्ड दिया।
अबला अब मत समझो इनको, नारी में है शक्ति अपार ,
नारी शक्ति का अवतार , नारी   शक्ति  अपरम्पार ।
वीर शिवाजी को हैं बनातीं,
माता जीजाबाई बनकर ,
दुश्मन के छक्के हैं छुड़ातीं
लक्ष्मीबाई सी लड़कर ।
हर जन-मन उत्साहित होता,नारी का वीरत्व निहार ,
नारी शक्ति का अवतार , नारी   शक्ति  अपरम्पार ।
सुनीता विलियम, कल्पना बन
अन्तरिक्ष में भी जा पहुँची हैं,
बछेंद्री पाल, संतोष की ख्याति
एवरेस्ट से भी ऊंची है ।
नहीं क्षेत्र कोई भी अछूता , नारी पहुँची पंख पसार ,
नारी शक्ति का अवतार , नारी   शक्ति  अपरम्पार ।
महादेवी , सुभद्रा ने भी,
साहित्य में अपना नाम किया,
राजनीति में भी इन्दिरा ने
सबसे ज्यादा काम किया ।
लता ने अपने सुर-सरगम से , संगीत का जग में किया प्रसार,
नारी शक्ति का अवतार , नारी   शक्ति  अपरम्पार ।
सेवा-भाव मदर टेरेसा
ने ही जग को बतलाया ,
किरण बेदी ने क्रेन साथ ले
पद का परचम लहराया ।
नारी में अदभुत शक्ति है, नारी है प्रभु का उपहार
नारी शक्ति का अवतार , नारी   शक्ति  अपरम्पार ।
माँ,बेटी,भगिनी,पत्नी बन
रिश्तों को देतीं सम्मान,
नारी के पावन हाथों से ही
 घर बनता स्वर्ग समान।
अच्छी सोच बसे हर मन में, नारी से ही घर- संसार ,
नारी शक्ति का अवतार , नारी   शक्ति  अपरम्पार ।
नारी को जब मिले परम गुण
आदि शक्ति बन जाती है,
जन-मानस सम्मोहित होता,
जग कल्याणी हो जाती है ।
श्रद्धा से ‘भावुक ‘ झुक जाते, देख शक्ति का चमत्कार ,
नारी शक्ति का अवतार , नारी  शक्ति  अपरम्पार ।