Singalila National Park
Singalila National Park

सिंगालीला राष्ट्रीय उद्यान की ख़ास बात

यह स्थान ट्रेकिंग प्रेमियों और वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। सिंगालीला राष्ट्रीय उद्यान एक ऐसा स्थान है, जहाँ प्राकृतिक सौंदर्य, रोमांच और दुर्लभ वन्यजीवों का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

Singalila National Park: प्रकृति की गोद में बसा सिंगालीला राष्ट्रीय उद्यान पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में स्थित है। अपनी ऊँचाई, घने जंगलों, हिमालय के विहंगम दृश्यों और दुर्लभ जीवों के लिए मशहूर यह उद्यान खासतौर पर रेड पांडा और फायर फॉक्स के लिए जाना जाता है। यह स्थान ट्रेकिंग प्रेमियों और वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। सिंगालीला राष्ट्रीय उद्यान एक ऐसा स्थान है, जहाँ प्राकृतिक सौंदर्य, रोमांच और दुर्लभ वन्यजीवों का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं, ट्रेकिंग के शौकीन हैं, या वन्यजीवन की झलक पाना चाहते हैं, तो यह स्थान आपकी यात्रा के लिहाज़ से सबसे उपयुक्त साबित हो सकता है। आइए जानते हैं इस अद्भुत राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ।

सिंगालीला राष्ट्रीय उद्यान का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी ट्रेकिंग ट्रेल्स हैं जो इसे एडवेंचर प्रेमियों के लिए खास बनाती हैं। सबसे पहले आप संदकफू ट्रेक जा सकते हैं। यह ट्रेक भारत के सबसे ऊँचे ट्रेकिंग रूट्स में से एक है जो 12,000 फीट की ऊँचाई तक ले जाता है। यहाँ से दुनिया की चार सबसे ऊँची चोटियाँ – माउंट एवरेस्ट, कंचनजंगा, ल्होत्से और मकालू स्पष्ट रूप से देखी जा सकती हैं। इसके अलावा आप फालुट ट्रेक भी कर सकते हैं। यह 20 किमी लंबा और चुनौतीपूर्ण ट्रेक है, जो घने जंगलों और ऊँचे पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरता है। ट्रेकिंग के अलावा, यहाँ जंगल सफारी, कैंपिंग और हिमालय के मनोरम दृश्य देखने का भी अवसर मिलता है।

यह राष्ट्रीय उद्यान भारत के सबसे दुर्लभ जीवों में से एक रेड पांडा का प्राकृतिक आवास है। दुनिया में केवल कुछ ही स्थानों पर रेड पांडा पाए जाते हैं, और यह उनमें से एक है। इसके अलावा, यहाँ कई अन्य वन्यजीव भी देखे जा सकते हैं, जैसे कि हिमालयन ब्लैक बियर, बादलदार तेंदुआ, बार्किंग डियर, तिब्बती भेड़िया, येलो-थ्रोटेड मार्टेन, यह उद्यान पक्षी प्रेमियों के लिए भी स्वर्ग के समान है। यहाँ 300 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें ब्लड फीजेंट, खलीज तीतर और सत्यमगाल जैसे दुर्लभ पक्षी शामिल हैं।

सिंगालीला राष्ट्रीय उद्यान के पास दार्जिलिंग, टोंग्लू, कालीपोखरी और संदकफू में कई होमस्टे और छोटे लॉज उपलब्ध हैं। ट्रेकिंग मार्गों पर रुकने के लिए सरकारी गेस्ट हाउस भी मिलते हैं, जहाँ से हिमालय का शानदार नज़ारा लिया जा सकता है। स्थानीय संस्कृति को जानने और पारंपरिक नेपाली भोजन का स्वाद लेने का अनुभव भी यहाँ आने वाले यात्रियों के लिए एक अनूठा आकर्षण है।

सिंगालीला राष्ट्रीय उद्यान पहुँचने के लिए सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी और निकटतम हवाई अड्डा बागडोगरा है। सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग होते हुए मानेबंजन तक टैक्सी या जीप द्वारा पहुँचा जा सकता है। मानेबंजन से ही राष्ट्रीय उद्यान का प्रवेश मार्ग शुरू होता है। यात्रा के लिए सबसे उत्तम समय मार्च से मई और अक्टूबर से दिसंबर के बीच माना जाता है। वसंत ऋतु में रोडोडेंड्रॉन और ऑर्किड के फूलों से जंगल रंगीन दिखता है, जबकि शरद ऋतु में हिमालय के साफ और अविश्वसनीय दृश्य दिखाई देते हैं। मानसून के दौरान यह उद्यान बंद रहता है।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...