Bride and Groom Advice
Advice for Bride and Groom

दूल्हा दुल्हन के लिए हो उनका दिन बेहद ख़ास, घरवालें रखें इन बातों का ख़ास ख्याल

शादी का दिन दूल्हा और दुल्हन के लिए बेहद खास होता है

Bride and Groom Advice: शादी एक ऐसा अवसर होता है जब परिवार के सभी सदस्य खुशी और उल्लास के साथ इकट्ठा होते हैं, लेकिन कभी-कभी अनजाने में कुछ ऐसी बातें होती हैं, जो दूल्हा-दुल्हन को तनाव में डाल सकती हैं। शादी का दिन दूल्हा और दुल्हन के लिए बेहद खास होता है,

और इस दिन उन्हें हर तरह की चिंता से मुक्त रखना चाहिए ताकि वे इस दिन का पूरी तरह से आनंद उठा सकें।

कभी-कभी परिवार में पुरानी समस्याएं या झगड़े होते हैं, जो अभी भी हल नहीं हुए होते। ये बातें शादी के दिन दूल्हा-दुल्हन से साझा करना उनके लिए मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। उन्हें ऐसी समस्याओं से दूर रखना चाहिए ताकि वे खुशी-खुशी शादी के पल का आनंद ले सकें। यदि कोई पारिवारिक मतभेद हो, तो उसे दूल्हा-दुल्हन के सामने लाने से बचना चाहिए।

शादी के बाद परिवार में विभिन्न प्रकार की आर्थिक जिम्मेदारियां होती हैं। हालांकि, किसी भी प्रकार की वित्तीय समस्याएं जैसे कर्ज़, व्यापार की विफलता या अन्य आर्थिक दबाव, दूल्हा-दुल्हन को शादी के दिन नहीं बतानी चाहिए। ये जानकारी उनके मन में चिंता और असुरक्षा पैदा कर सकती है।

कभी-कभी परिवार के सदस्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे होते हैं, लेकिन इसे दूल्हा-दुल्हन से छिपाकर रखना उचित है। उन्हें इस समय इस प्रकार की दुखद खबरों से दूर रखना चाहिए, ताकि वे मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर शादी की सभी रस्मों को अच्छे से एन्जॉय कर सकें।

शादी के आयोजन में कभी-कभी कुछ छोटी-मोटी समस्याएं या तैयारियों में देरी हो सकती है, लेकिन इसे दूल्हा-दुल्हन के सामने लाने से तनाव बढ़ सकता है। परिवार के सदस्यों को इन समस्याओं को एक साथ सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए और दूल्हा-दुल्हन को इस बारे में चिंता से दूर रखना चाहिए।

कई बार परिवार के लोग दूल्हा-दुल्हन के पूर्व रिश्तों या प्रेम संबंधों के बारे में बातचीत कर देते हैं। यह जानकारी उनकी मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है और उन्हें असहज बना सकती है। ऐसे विषयों से बचना चाहिए, क्योंकि यह शादी के उत्साह को कम कर सकता है और दूल्हा-दुल्हन को चिंता में डाल सकता है।

परिवार के सदस्य दूल्हा-दुल्हन को भविष्य में आने वाली समस्याओं के बारे में चेतावनी दे देते हैं, जैसे “शादी के बाद ये दिक्कतें होंगी” या “तुम्हें यह चीज़ संभालनी पड़ेगी।” इस प्रकार की बातें उनकी खुशी को प्रभावित कर सकती हैं और उन्हें डर या तनाव का सामना करवा सकती हैं। उन्हें सकारात्मक रूप से तैयार करने के बजाय नकारात्मक बातें बताना सही नहीं होता।

परिवार के सदस्य शादी के दौरान दूल्हा-दुल्हन पर सामाजिक दबाव डालते हैं, जैसे किसी विशेष तरीके से व्यवहार करने की अपेक्षाएं। इन अपेक्षाओं को दूल्हा-दुल्हन से न साझा करें। उन्हें खुद को व्यक्त करने का पूरा अधिकार होना चाहिए और किसी प्रकार के दबाव से बचना चाहिए, ताकि वे अपनी शादी के दिन को खुलकर जी सकें।

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...