आज के समय  में लोग काफी व्यस्त हैं, जिसकी वजह से वे छोटी-छोटी हेल्थ प्रॉब्लम को अनदेखा कर देते हैं| जिसकी वजह से वो छोटी समस्या एक दिन बड़ी बन जाती हैं  इसलिए जरुरी है कि  हेल्थ से जुड़ी छोटी-छोटी चीजों को इग्‍नोर न करें बल्कि उसका इलाज करें|  इस बारे में नई दिल्ली के मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल के निदेशक ऑर्थोपेडिक्स एवं ज्वॉइंट रिप्लेसमेंट डॉ. रमणीक महाजन  का कहना है कि दुनिया में हर पांच में से एक व्यक्ति यूरिक एसिड की बीमारी से परेशान है, लेकिन इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। इसके हेल्थ-  इम्पैक्ट काफी सीरियस होते हैं, जो जिंदगी भर के लिए परेशानी का सबक बन सकते हैं।

क्या है यूरिक एसिड?

यूरिक एसिड शरीर के  सेल्स  और उन चीजों से बनता जो हम खाते हैं। इसमें से यूरिक एसिड का ज्यादातर हिस्सा किडनियों के जरिए फिल्टर हो जाता है जो टॉयलेट के जरिए शरीर से बाहर आ जाता है, लेकिन अगर यूरिक एसिड शरीर में ज्यादा बन रहा है या किडनी फिल्टर नहीं कर पाती तो खून में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है। बाद में यह हड्डियों के बीच में जमा हो जाता है और इससे गाउट की समस्या पैदा हो जाती है।

यूरिक एसिड कितना होना चाहिए

रक्त में यूरिक एसिड की यह मात्रा सामान्य मानी जाती है –

पुरुष    3 . 4 – 7 mg /dL

महिला  2 . 4 – 6 mg /dL

बच्चे    2 – 5   mg /dL 

यूरिक एसिड के लक्षण

शुरुआत में यूरिक एसिड के बढ़ने का पता नहीं लग पाता। पर कुछ लक्षण हैं जिन्हें देख आप पहचान सकते हैं कि यूरिक एसिड बढ़ रहा है –
  • चलने में समस्या 
  • गांठों में सूजन 
  • एड़ियों में दर्द 
  • सोते समय पैर में जकड़न 
  • घुटनों में दर्द 
  • ज्यादा देर बैठने पर या उठने में पैरों एड़ियों में सहनीय दर्द। 
  • पैरों-जोड़ों में दर्द 
  • शुगर लेवल बढ़ना। 
  • पैर के अंगूठे में खुजली

यूरिक एसिड बढ़ने के मुख्य कारण

यूरिक एसिड के बढ़ने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं-
  • मूत्रवर्धक  गोलियां 
  • मोटापा
  • किडनी की बीमारी
  • विटामिन बी 3 
  • ज्यादा शारीरिक गतिविधि
  • हाइपोथायरायडिज्म
  • मधुमेह
  • खान-पान और लाइफस्टाइल में बदलाव
  • सोरायसिस
  • दिल की दवाएं
  • एंजाइम विकार
  • अनुवांशिकता
  • उच्च रक्तचाप
  • शराब का अधिक सेवन

आगे पढ़ें  – कैसे होती है जांच

 

 

कैसे होती है जांच

खून के सामान्य टेस्ट से इसे जांचा जा सकता है। ऐसे लोग, जिन्हें जोड़ों में दर्द रहता है या बार-बार पथरी बनती है, उन्हें खून में यूरिक एसिड के स्तर की जांच कराते रहना चाहिए।

क्या खाएं, क्या नहीं
  • तली-भुनी और चिकनाई वाली चीजों से दूर रहें ।
  • रोज अजवाइन खाना ऐसे में फायदेमंद माना जाता है. इससे  यूरिक एसिड की मात्रा कम हो सकती है ।
  • रोजाना सुबह 2 से 3 अखरोट जरूर खाएं. ऐसा करने से बढ़े हुए यूरिक एसिड के लेवल की धीरे-धीरे कम होने की संभावना होती है।
  • विटामिन सी यूरिक एसिड को बाहर निकालता है इसलिए विटामिन सी से भरपूर चीजें ज्यादा से ज्यादा खानी चाहिए।
  • दिनभर पानी पीना तो रामबाण की तरह है. जितना ज्यादा पानी पिया जाएगा, गंदगी उतने ही अच्छे से बाहर निकलेगी।
  • रोजाना एक सेब खाने से ब्लड में यूरिक एसिड का लेवल कम हो सकता है।
  • प्रोटीन से भरपूर चीजें जैसे मसूर दाल, सोयाबीन, राजमा , रेड मीट आदि खाना बिल्कुल बंद कर दें ।
  • ज्यादातर फाइबर वाला खाना जैसे ओट्स, दलिया , ब्राउन राईस आदि खाना चाहिए ।
  • फल और सब्जियां ज्यादा से ज्यादा खाएं ।
  • एल्कोहल न लें या कम ही मात्रा में लें। बहुत अधिक बीयर या एल्कोहल लेना शरीर से यूरिक एसिड बाहर निकालने में बाधा उत्पन्न करता है। 
 

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