वास्तुशास्त्री नरेंद्र शास्त्री कहते हैं कि हमारे आस-पास और घर में मौजूद चीजों का किसी न किसी रूप में हम पर जरूर असर होता है। कभी-कभी कुछ ऐसी चीजें घर में आ जाती हैं जिनसे अचानक ही घर में परेशानियों का दौर शुरू हो जाता है। वास्तु विज्ञान में ऐसी चीजों का उल्लेख है जो घर में कभी नहीं लानी चाहिए। अगर ये चीजें घर में आ जाएं तो समझ लीजिए आपने खुद ही परेशानियों को निमंत्रण दिया है। ठीक उसी तरह ऐसी भी चीजे हैं जो घर में हो तो लाभ ही लाभ होता है।

 
कैसे करें पहचान
घर में यदि आपको सुकून की नींद, सेहतमंद भोजन और भरपूर प्यार-अपनत्व नहीं मिल रहा है तो घर में वास्तुदोष है। घर में सामान रखते समय दिशाओं का ध्यान रखा जाए तो जीवन खुशहाल रहता है। घर में वस्तुएं दिशा के अनुसार न रखी हों तो सुख-समृद्धि में बाधाएं आती हैं। यदि ऐसा हो तो कुछ सरल उपाय करके इन दोषों को दूर किया जा सकता है। वास्तु अनुसार दिशा से संबंधित कुछ उपाय करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
 
 
मुख्यद्वार है सबसे अहम
वास्तु के अनुसार घर का मुख्य दरवाजा दक्षिणमुखी नहीं होना चाहिए। अगर मजबूरी में दक्षिणमुखी दरवाजा बनाना पड़ गया हो, तो दरवाजे के सामने एक बड़ा सा आईना लगा दें। घर के मुख्य प्रवेशद्वार से धनात्मक ऊर्जा मिलती है। घर बनाते समय घर के मुख्य द्वार की सजावट हमारे लिए लाभदायक होती है। अहम बात यह है कि मुख्य द्वार के सामने किसी भी प्रकार की बाधा नही होनी चाहिए जैसे पेड़-पौधे या कोई भी अवरोध।
 
दिशाओं का रखें ख्याल
वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण माना गया है। ये घर की सबसे पवित्र दिशा होती है। जल तत्व से संबंध रखने वाली इस दिशा के स्वामी रूद्र हैं। इस दिशा को भी सदैव पवित्र रखना चाहिए अन्यथा घर परिवार में कलह की आशंका बनी रहती है। इस दिशा में पूजाघर स्थापित करें। यदि पूजाघर किसी और दिशा में हो तो पानी पीते समय मुंह ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखें।
 
रखें खास ख्याल
पूजाघर के ऊपर या नीचे की मंजिल पर शौचालय या रसोईघर नहीं होना चाहिए न ही इनसे सटा हुआ। सीढिय़ों के नीचे पूजा का कमरा बिलकुल नहीं बनवाना चाहिए। यह हमेशा ग्राउंड फ्लोर पर होना चाहिए तहखाने में नहीं। पूजा का कमरा खुला और बड़ा बनवाना चाहिए। इसी तरह रसोईघर का स्थान हमारे जीवन और परिवार के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए घर के दक्षिण-पूर्व कोने रसोई के स्थान के लिए सबसे आदर्श माने जाते हैं। दक्षिण-पूर्व दिशा ही रसोई के लिए उपयुक्त मानी गई है। शयन कक्ष में सोते समय हमेशा सिर दीवार से सटाकर सोना चाहिए। पैर दक्षिण और पूर्व दिशा में करने नहीं सोना चाहिए।
 
इन चीजों से करें परहेज
– युद्ध से संबंधित चीजें जैसे, तलवार, बंदूक आदि नहीं रखनी चाहिए।     इससे    क्रोध एवं आपस में द्वेष बढ़ता है। महाभारत की तस्वीर भी घर की सुख-शांति  में बाधक होती है।
-घर में शिव की नृत्य मुद्रा वाली मूर्ति अथवा तस्वीर नहीं रखनी चाहिए। शिव  की नटराज मूर्ति विनाश का प्रतीक है।
-गरूड़ पुराण का पाठ मृत्यु के पश्चात आत्मा की शांति के लिए किया जाता है।   इसलिए घर में गरूड़ पुराण नहीं रखनी चाहिए।
– ताजमहल एक समाधि है। इसे भी घर में नहीं रखना चाहिए। इससे पति-      पत्नी के बीच दूरी बढऩे का ख्याल बार-बार आता है। 
 
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