मेरे मम्मी -पापा तो रोज़ लेट नाईट घर आते हैं। कितनी सारी पार्टीज़ में जाते हैं और पापा तो ड्रिंक करके आते हैं। दादी मुझे सुलाने की कोशिश करती है लेकिन जब तक मम्मी -पापा घर नहीं आते मुझे नींद ही नहीं आती। चिंतन ने ये बातें अपनी टीचर को बताई और रोने लगा। 6 साल का वो बच्चा जिसे शायद अभी तक अपनी ही दैनिक क्रियाएं करनी ठीक से नहीं आती वो अपने पेरेंट्स की लाइफस्टाइल से इतना ज्यादा प्रभावित हो गया है कि उसे ये भी पता है कि उसके पापा ड्रिंक करते हैं। चिंतन ही नहीं बल्कि न जाने कितने ही मासूम हैं जिनकी ज़िन्दगी अपने माता-पिता के इर्द गिर्द घूमती है लेकिन उनका ख़राब लाइफस्टाइल उन बच्चों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लगा देता है।
- माता-पिता की लाइफस्टाइल का उनके बच्चों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। उदाहरण के तौर पर यदि माता या पिता में से कोई भी ड्रिंक या सिगरेट का सेवन करता है तो इसमें कोई दोराय नहीं है कि बच्चा भी बहुत जल्दी ही ये सब सीख लेता है और वो भी बड़ा होकर इन चीज़ों का लती हो जाता है।
- कई बार पेरेंट्स बच्चे के सामने एक दूसरे से लड़ाई करते हैं जिससे की बच्चा भी उनसे लड़ाई करना सीखता है और बाहर जा कर लड़ाई करता है या गलत शब्दों का प्रयोग करता है।
- पेरेंट्स अगर गलत पोस्चर में बैठकर टीवी देखते या खाना खाते हैं तो बच्चा भी उनका ये स्टाइल कॉपी करता है और वो भी गलत ढंग से बैठना सीख जाता है।
- कई बार पेरेंट्स को जंक फ़ूड खाने की बुरी आदत होती है और उनका ये लाइफस्टाइल बच्चों को भी प्रभावित करता है जिससे बच्चे भी जंक फ़ूड ज्यादा खाने लगते हैं।
- इसी तरह पेरेंट्स को कई बार रात में देर तक जागने और सुबह देर से उठने की आदत होती है और बच्चे भी यही आदत सीखते हैं जिसकी वजह से उनका विकास ठीक से नहीं हो पाता है।
- बच्चों के सामने पेरेंट्स अपनी प्लेट में खाना बचा देते हैं यही देखकर बच्चा भी खाने की बर्बादी करना सीख लेता है।
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