स्त्री जब गर्भ धारण करती है तो यह उसकी अत्यंत महत्त्वपूर्ण अवस्था होती है। यहीं से एक नए जीवन की शुरुआत होती है। जिस प्रकार शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक भोजन की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार स्वस्थ जीवन की शुरुआत के लिए भी पौष्टिक भोजन आवश्यक है। गर्भधारण करने की अवधि में स्त्री को संतुलित और पौष्टिक भोजन की आवश्यकता होती है। उस अवधि में जो भोजन खाया जाए, उसकी ओर विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए ताकि स्त्री पर या गर्भ के बच्चे पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
