घुटने सही हों तो बुढ़ापा भी अच्छे से गुजरता है क्योंकि रोज़मर्रा के कामों को करने के लिए सहारे की जरूरत नहीं पड़ती। आजकल की लाइफ स्टाइल में तो युवा वर्ग भी घुटनों की समस्या से पीड़ित रहता है, कई बार तो बहुत कम उम्र में ही नी रिपलेसमेंट की नौबत आ जाती है।
