क्या अध्यक्षता बेवकूफ ही करते हैं- नहीं, बुद्धिमान भी करते हैं- पत्नी जी रहस्यमय ढंग से मुस्करा रही थीं, वे सामने विराजमान रंगीनी देखकर वाह-वाह करते हैं।
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बरसाने की बारात में चौधरी – गृहलक्ष्मी कहानियां
भले ही खुद के घर में इनकी कौड़ी इज्जत ना हो पर बाहर किसी की मौत हो या शादी, ये अपना ज्ञान बघारने से बिलकुल भी नही चूकते। ऐसी चौधराहट दिखाते हैं कि घर वाले भी बाहर वाले लगने लगते हैं।
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जय हो पति देवता
आज सुबह की ही बात है कि पतिदेव नहाने के बाद अपनी शर्ट कहीं रखकर भूल गए। अब जिद भी यही कि उनको वही शर्ट पहनकर भी जानी है। काफी देर तक उनका रिकार्ड सुनने के बाद मैंने शर्ट ढूंढ़कर दे तो दी लेकिन वह पहनने लायक नहीं रह गई थी। जनाब ने तौलिया समझकर […]
