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गोदान – मुंशी प्रेमचंद भाग-7

यह अभिनय जब समाप्त हुआ, तो उधर रंगशाला में धनुष – यज्ञ। समाप्त हो चुका था और सामाजिक प्रहसन की तैयारी हो रही थी; मगर इन सज्जनों को उससे विशेष दिलचस्पी न थी । केवल मिस्टर मेहता देखने गये और आदि से अन्त तक जमे रहे । उन्हें बड़ा मजा आ रहा था । बीच-बीच […]

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