कई माता-पिता गर्भावस्था में इस मानसिकता के शिकार हो जाते हैं। उन्हें अपने ही फैसले पर शक होने लगता है। जरा सोचिए न कि इस एक फैसले की वजह से आपकी पूरी जिंदगी बदलने वाली है। आप लोग कब खाएँगे, पीएँगे, सोएँगे या फिर कैसे जीएँगे, यह सब कुछ आने वाला शिशु तय करेगा।
