Posted inकविता-शायरी

अपनी हिम्मत हैं कि हम फिर भी जीये जा रहे हैं..

    कोख में आई जब मैं माँ के .. दादी ने दुआ दी पोते के लिए,बुआ ने मन्नत मांगी भतीजे के लिए पापा ने कहा मेरा लाल आ रहा हैं,मेरे वंश का चिराग आ रहा हैं …… तब माँ ने मुझसे हौले से कहाडर मत मेरी रानी !हर अबला की हैं यही कहानीफिर भी […]

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