गंगा नदी के किनारे एक बहुत बड़ा पेड़ था। इस पेड़ पर बहुत से पक्षी रहा करते थे। एक दिन एक बूढ़ा गिद्ध वहाँ आया और पक्षियों से बोला कि “क्या वह इस वृक्ष के खोल में रह सकता है।” सभी पक्षियों ने बूढ़े गिद्ध की आयु को देखते हुए, उसे वहाँ रहने की इजाजत दे दी। वे अपने हिस्से के भोजन में से भी कुछ भोजन उसे खाने को दे देते।
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साधु की पुत्री – हितोपदेश की प्रेरक कहानियां
गंगा नदी के किनारे एक साधु रहते थे। वे न केवल विद्वान थे बल्कि उनके पास जादुई शक्तियाँ भी थीं।
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हिरण, कौआ और दुष्ट गीदड़ – हितोपदेश की शिक्षाप्रद कहानियां
जंगल में एक कौआ और हिरण रहते थे। वे दोनों अच्छे दोस्त थे। हिरण बहुत सेहतमंद था व अपनी सुंदर त्वचा के कारण बहुत अच्छा दिखता था। वह बहुत ही आनंदी था, सारा दिन जंगल में कुलाँचे भरता।
